RPSC PRTAL 2010

RPSC LECTURER SANSKRIT SECONDARY ( EDUCATION DEPT) RESULT DECLARED

Posted by Vinod Bhana Thursday, October 28, 2010 1 comments
RAJASTHAN PUBLIC SERVICE COMMISSION, AJMER ONE HUNDRED ONE POSTS OF LECTURER SANSKRIT FOR SECONDARY EDUCATION DEPT.,WERE ADVERTISED BY THE COMMISSION IN THEIR ADVT.NO. 1/2008-09 & CORRIGENDUM NO. 2/2008-09. INTERVIEWS FOR THESE POSTS WERE HELD FROM 18/10/10 TO 26/10/10. AFTER INTERVIEWING THE CANDIDATES THE COMMISSION HAVE SELECTED FOLLOWING CANDIDATES IN ORDER OF MERIT (FROM LEFT TO RIGHT) AND THEIR NAMES ARE BEING RECOMMENDED TO THE DEPARTMENT:- for Result Click Here CANDIDATES SELECTED AGAINST GENERAL POSTS :- ============================================== 208890...
राजस्थान के जिले -3- झालावाड झालावाड राजस्थान राज्य के दक्षिण-पूर्व में स्थित झालावाड़ जिला का मुख्यालय है। यह झालावाड के हाडौती क्षेत्र का हिस्सा है । झालावाड के अलावा कोटा, बारां एवं बूंदी हाडौती क्षेत्र में आते हैं । राजस्थान के झालावाड़ ने पर्यटन के लिहाज से अपनी एक अलग पहचान बनाई है। राजस्थान की कला और संस्कृति को संजोए यह शहर अपने खूबसूरत सरोवरों, किला और मंदिरों के लिए जाना जाता है। झालावाड़ की नदियां और सरोवर इस क्षेत्र की दृश्यावली को भव्यता प्रदान करते हैं। यहां अनेक ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल भी हैं, जो पर्यटकों को...
राजस्थान के जिले -2- कोटा कोटा राजस्थान का एक प्रमुख औद्योगिक एवं शैक्षणिक शहर है । यह चम्बल नदी के तट पर बसा हुआ है । राजधानी जयपुर से लगभग २४० किलोमीटर दूर सडक एवं रेलमार्ग से । जयपुर-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग १२ पर स्थित ।दक्षिण राजस्थान में चंबल नदी के पूर्वी किनारे पर स्थित कोटा उन शहरों में है जहां औद्योगीकरण बड़े पैमाने पर हुआ है। कोटा अनेक किलों, महलों, संग्रहालयों, मंदिरों और बगीचों के लिए लोकप्रिय है। यह शहर नवीनता और प्राचीनता...
राजस्थान के जिले - १- जयपुर जयपुर जिसे गुलाबी नगरी के नाम से भी जाना जाता है, भारत में राजस्थान राज्य की राजधानी है। यह जयपुर नाम से प्रसिद्ध प्राचीन रजवाड़े की भी राजधानी रहा है। इस शहर की स्थापना १७२८ में आंबेर के महाराजा जयसिंह द्वितीय द्वारा की गयी थी। आज भी यहां के महाराजा महाराज भवानी सिंह (जन्म:१९३१) हैं। जयपुर अपनी समृद्ध परंपरा, संस्कृति और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। यह शहर तीन ओर से अरावली पर्वतमाला से घिरा हुआ है। जयपुर शहर की पहचान यहाँ के महलों और पुराने घरों में लगे गुलाबी धौलपुरी पत्थरों से होती है जो...
राजस्थान के प्रसिद्ध स्थल . गुलाबी नगरी के रूप में प्रसिद्ध जयपुर राजस्थान राज्य की राजधानी है। 2. शहर इसके भव्य किलों, महलों और सुंदर झीलों के लिए प्रसिद्ध है, जो विश्वभर से पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। 3. सिटी पैलेस महाराजा जयसिंह II द्वारा बनवाया गया था और मुगल औऱ राजस्थानी स्थापत्य का एक संयोजन है। 4. महराजा सवाई प्रताप सिंह ने हवामहल 1799 ईसा में बनवाया और वास्तुकार लाल चन्द उस्ता थे । 5. अम्बेर दुर्ग भवन-समूह के महलों, विशाल कक्षों, सीढ़ीयों, स्तंभदार दर्शक दीर्घाओं, बगीचों और मंदिरों सहित कई भाग हैं। 6. अम्बेर महल मुगल...

राजस्थान क़ा भूगोल

Posted by Vinod Bhana Thursday, October 14, 2010 0 comments
राजस्थान क़ा भूगोल राजस्थान की आकृति पतन्गाकार है। राज्य २३ ३ से ३० १२अक्षांश और ६९ ३० से ७८ १७ देशान्तर के बीच स्थित है। इसके उत्तर में पाकिस्तान, पंजाब और हरियाणा, दक्षिण में मध्यप्रदेश और गुजरात, पूर्व में उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश एवं पश्चिम में पाकिस्तान है। सिरोही से अलवर की ओर जाती हुई ४८० कि.मी. लम्बी अरावली पर्वत श्रृंखला प्राकृतिक दृष्टि से राज्य को दो भागों में विभाजित करती है। राजस्थान का पूर्वी सम्भाग शुरु से ही उपजाऊ रहा है। इस भाग में वर्षा का औसत ५० से.मी. से ९० से.मी. तक है। राजस्थान के निर्माण के पश्चात् चम्बल...
राजस्थान का एकीकरण राजस्थान भारत का एक महत्ती प्रांत है। यह तीस मार्च 1949 को भारत का एक ऐसा प्रांत बना जिसमें तत्कालीन राजपूताना की ताकतवर रियासतों ने विलय किया। इसी कारण इसका नाम राजस्थान बना। राजस्थान यानि राजपूतो का स्थान,इसका नाम राजस्थान होने के पीछे यही एकमात्र मजबूत तर्क है। अगर राजपूताना की देशी रियासतों के विलय के बाद बने इस राज्य की कहानी देखे तो यह प्रासंगिक भी लगता है। भारत के संवैधानिक इतिहास में राजस्थान का निर्माण एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी । ब्रिटिश शासको द्वारा भारत को आजाद करने की घोषणा करने के बाद जब सत्ता...
प्राचीन काल में राजस्थान राजस्थान भारत वर्ष के पश्चिम भाग में अवस्थित है जो प्राचीन काल से विख्यात रहा है। तब इस प्रदेश में कई इकाईयाँ सम्मिलित थी जो अलग-अलग नाम से सम्बोधित की जाती थी। उदाहरण के लिए जयपुर राज्य का उत्तरी भाग मध्यदेश का हिस्सा था तो दक्षिणी भाग सपालदक्ष कहलाता था। अलवर राज्य का उत्तरी भाग कुरुदेश का हिस्सा था तो भरतपुर, धोलपुर, करौली राज्य शूरसेन देश में सम्मिलित थे। मेवाड़ जहाँ शिवि जनपद का हिस्सा था वहाँ डूंगरपुर-बांसवाड़ा वार्गट (वागड़) के नाम से जाने जाते थे। इसी प्रकार जैसलमेर राज्य के अधिकांश भाग वल्लदेश...

राजस्थान

Posted by Vinod Bhana 0 comments
राजस्थानराजस्थान भारत का एक प्रान्त है । यहाँ की राजधानी जयपुर है।राजस्थान भारत गणराज्य का क्षेत्रफल के आधार पर सबसे बड़ा राज्य है। इसके पश्चिम में पाकिस्तान, दक्षिण-पश्चिम में गुजरात, दक्षिण-पूर्व में मध्यप्रदेश, उत्तर में पंजाब, उत्तर-पूर्व में उत्तरप्रदेश और हरियाणा है। राज्य का क्षेत्रफल 3,42,239 वर्ग कि.मी. (1,32,139 वर्ग मील) है। जयपुर राज्य की राजधानी है। भौगोलिक विशेषताओं में पश्चिम में थार मरूस्थल और घग्गर नदी का अंतिम छोर है। विश्व की पुरातन श्रेणियों में प्रमुख अरावली श्रेणी राजस्थान का एकमात्र पहाडी, जो कि पर्यटन...
जेलर भारत भूषण भट्ट जेलर भारत भूषण भट्ट ने 38 फिल्मों मे भूमिका निभाई थी जिनकी  जोधपुर जेल मे जय बंद करवाने के दोरान हत्या कर दि गई यह मूल रूप से अजमेर के किशन गड़ के रहने वाले थे, हाल ही मे इनकी जयपुर बोम ब्लास्ट पर आधारित फिल्म "13 मई गुलाबी नगर " प्रदर्शित हुई थी | इटली मे बुर्के के खिलाफ बिल पेश - इस बिल के मुताबिक बुरका पहनने पर एक वर्ष की जेल हो सकती है | इटली मे नोर्थ...
भारत का संक्षिप्त इतिहास (स्वतंत्रता-पूर्व) ईसा पूर्व 3000-1500 सिंधु घाटी सभ्‍यता 576 गौतम बुद्ध का जन्‍म 527 महावीर का जन्‍म 327-326 भारत पर एलेक्‍जेंडर का हमला। इसने भारत और यूरोप के बीच एक भू-मार्ग खोल दिया 313 जैन परंपरा के अनुसार चंद्रगुप्‍त का राज्‍याभिषेक 305 चंद्रगुप्‍त मौर्य के हाथों सेल्‍युकस की पराजय 273-232 अशोक का शासन 261 कलिंग की विजय 145-101 एलारा का क्षेत्र, श्रीलंका के चोल राजा 58 विक्रम संवत् का आरम्‍भ ईसवी 78 शक संवत् का आरम्‍भ 120 कनिष्‍क का राज्‍याभिषेक 320 गुप्‍त युग का आरम्‍भ, भारत का स्‍वर्णिम काल 380...
स्वतन्त्रता के बाद भारत का संक्षिप्त इतिहास 1947 - 1950 भारत के संविधान पर हस्ताक्षर करते पंडित नेहरुदेश आजाद: १४ अगस्त १९४७ को जैसे ही घड़ी की सुई मे रात के १२ बजे, प्रथम प्रधानमंत्री श्री जवाहर लाल नेहरू ने देश के स्वतंत्र होने की घोषणा की। शोक की लहर: ३० जनवरी १९४८ को उस समय सारे देश में शोक की लहर दौड़ गई, जब नाथूराम गोड्से ने महात्मा गांधी की हत्या कर दी। भारत-पाकिस्तान के बीच प्रथम युद्ध: देश विभाजन के बाद नए पड़ोसी बने पाकिस्तान...

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