RPSC PRTAL 2010

राजस्थान के प्रसिद्ध स्थल
. गुलाबी नगरी के रूप में प्रसिद्ध जयपुर राजस्थान राज्य की राजधानी है।
2. शहर इसके भव्य किलों, महलों और सुंदर झीलों के लिए प्रसिद्ध है, जो विश्वभर से पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
3. सिटी पैलेस महाराजा जयसिंह II द्वारा बनवाया गया था और मुगल औऱ राजस्थानी स्थापत्य का एक संयोजन है।
4. महराजा सवाई प्रताप सिंह ने हवामहल 1799 ईसा में बनवाया और वास्तुकार लाल चन्द उस्ता थे ।
5. अम्बेर दुर्ग भवन-समूह के महलों, विशाल कक्षों, सीढ़ीयों, स्तंभदार दर्शक दीर्घाओं, बगीचों और मंदिरों सहित कई भाग हैं।
6. अम्बेर महल मुगल औऱ हिन्दू स्थापत्य का उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
7. गवर्नमेण्ट सेन्ट्रल म्यूजियम 1876 में, जब प्रिंस ऑफ वेल्स ने भारत भ्रमण किया, बनवाया गया था और 1886 में जनता के लिए खोला गया ।
8. गवर्नमेण्ट सेन्ट्रल म्यूजियम में हाथीदांत कृतियों, वस्त्रों, आभूषणों, नक्काशीदार काष्ठ कृतियों, सूक्ष्म चित्रों संगमरमर प्रतिमाओं, शस्त्रों औऱ हथियारों का समृद्ध संग्रह है।
9. सवाई जय सिंह II ने अपनी सिसोदिया रानी के लिए सिसोदिया रानी का बाग बनवाया।
10. जलमहल शाही बतख शिकार गोष्ठियों के लिए बनाया गया एक सुंदर महल है।
11. कनक वृंदावन जयपुर में एक लोकप्रिय विहार स्थल है।
12. जयपुर में बाजार जीवंत होते हैं और दुकाने रंग बिरंगे सामानों से भरी है, जिसमें हथकरघा उत्पाद, बहुमूल्य पत्थर, वस्त्र, मीनाकारी सामान, आभूषण, राजस्थानी चित्र आदि शामिल हैं।
13. जयपुर संगमरमर की प्रतिमाओं, ब्लू पॉटरी औऱ राजस्थानी जूतियों के लिए भी प्रसिद्ध है।
14. जयपुर के प्रमुख बाजार, जहां से आप कुछ उपयोगी सामान खरीद सकते हैं, जौहरी बाजार, बापू बाजार, नेहरू बाजार, चौड़ा रास्ता, त्रिपोलिया बाजार और एम.आई. रोड़ के साथ साथ हैं।
15. जयपुर शहर के भ्रमण का सर्वोत्तम समय अक्टूबर से मार्च के मध्य में है।
16. राजस्थान राज्य परिवहन निगम (RSTC) की उत्तर भारत के सभी प्रसुख गंतव्यों के लिए बस सेवाएं हैं। 17. वज्रांग मंदिर : जयपुर से पहले विराटनगर (पुराना नाम बैराट) नामक एक क़स्बा आता है. यह वाही स्थान है जहाँ पांड्वो ने अग्यात्वास के दोरान अपना जीवन व्यतीत किया था. यहीं पञ्च खंड पर्वत पर भारत वर्ष का सबसे अनोखा और एकमात्र हनुमान मंदिर है जहाँ हनुमान जी की बिना बन्दर और पूछ वाली मूर्ति स्थापित है. इसका नाम वाज्रंग मंदिर है और इसकी स्थापना अमर हुतात्मा गोभक्त, महँ स्वतंत्रता सेनानी, यशश्वी लेखक, हिन्दू संत, हिन्दू नेता श्रीमान महात्मा रामचन्द्र वीर जी ने की थी.

भरतपुर

17. ‘पूर्वी राजस्थान का द्वार’ भरतपुर, भारत के पर्यटन मानचित्र में अपना महत्व रखता है।
18. भारत के वर्तमान मानचित्र में एक प्रमुख पर्यटक गंतव्य, भरतपुर पांचवी सदी ईसा पूर्व से कई अवस्थाओं से गुजर चुका है।
19. 18 वीं सदी का भरतपुर पक्षी अभ्यारण्य, जो केवलादेव घाना नेशनल पार्क के रूप में भी जाना जाता है।
20. 18 वीं सदी का भरतपुर पक्षी अभ्यारण्य, जो केवलादेव घाना नेशनल पार्क के रूप में भी जाना जाता है,संसार का सबसे महत्पूर्ण पक्षी प्रजनन और पालन स्थान के रूप में प्रसिद्ध है।
21. लौहागढ़ आयरन फोर्ट के रूप में भी जाना जाता है, लौहागढ़ भरतपुर के प्रमुख ऐतिहासिक आकर्षणों में से एक है।
22. भरतपुर संग्रहालय स्थान के विगत शाही वैभव के साथ साक्षात्कार का एक प्रमुख स्त्रोत है।
23. नेहरू पार्क, एक सुंदर बगीचा भरतपुर संग्रहालय के पास में है।
24. नेहरू पार्क रंग बिरंगे फूलों और हरी घास के मैदान से भरा हुआ है, इसकी उत्कृष्ट सुंदरता से पर्यटकों को आकर्षित करता है।
25. डीग पैलेस एक मजबूत औऱ बहुत बड़ा दुर्ग है, जो भरतपुर के शासकों के लिए ग्रीष्मकालीन आश्रय स्थल के रूप में कार्य करता है।
26. भरतपुर के भ्रमण का सर्वोत्तम समय अक्टूबर, नवंबर, फरवरी, और मार्च के महीनों के दौरान हैं। 27. व्यक्ति भरतपुर में एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के लिए परिवहन के कई साधनों जैसे टैक्सी साइकिल रिक्शा और ऑटो-रिक्शा ले सकता है।

जोधपुर

28. राजस्थान राज्य के पश्चिमी भाग में केन्द्र में स्थित, जोधपुर शहर राज्य का दूसरा सबसे बड़ा शहर है और दर्शनीय महलों, दुर्गों औऱ मंदिरों को प्रस्तुत करते हुए एक लोकप्रिय पर्यटक गंतव्य है।
29. राजस्थान राज्य के पश्चिमी भाग केन्द्र में स्थित, जोधपुर शहर राज्य का दूसरा सबसे बड़ा शहर है और दर्शनीय महलों, दुर्गों औऱ मंदिरों को प्रस्तुत करते हुए एक लोकप्रिय पर्यटक गंतव्य है।
30. शहर की अर्थव्यस्था हथकरघा, वस्त्रों और कुछ धातु आधारित उद्योगों को शामिल करते हुए कई उद्योगों पर निर्भर करती है।
31. रेगिस्तान के हृदय में स्थित, राजस्थान का यह शहर राजस्थान के अनन्त मुकुट का एक भव्य रत्न है।
32. राठौंड़ों के रूप में प्रसिद्ध एक वंश के प्रमुख, राव जोधा ने मृतकों की भूमि कहलाये गये, जोधपुर की 1459 में स्थापना की।
33. मेहरानगढ़ दुर्ग, 125 मीटर की पर्वत चोटी पर स्थित औऱ 5 किमी के क्षेत्रफल में फैला हुआ, भारत के सबसे बड़े दुर्गों में से एक है।
34. मेहरानगढ़ दुर्ग के अन्दर कई सुसज्जित महल जैसे मोती महल, फूल महल, शीश महल स्थित हैं।
35. मेहरानगढ़ दुर्ग के अन्दर संग्रहालय में भी सूक्ष्म चित्रों, संगीत वाद्य यंत्रों, पोशाकों, शस्त्रागार आदि का एक समृद्ध संग्रह है।
36. मेहरानगढ़ दुर्ग के सात दरवाजे हैं औऱ शहर का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करते हैं।
37. उम्मेद भवन पैलेस लाल बलुआ पत्थर और संगमरमर से बना है और इसने महाराजा उम्मेद सिंह के पर्यवेक्षण में 1929 से 1943 तक लगभग 16वर्ष लिये।
38. जसवंत ठाड़ा एक सफेद संगमरमर का स्मारक है, जो महाराजा जसवन्त सिंह II की याद में 1899 में बनवाया था।
39. जोधपुर के शासकों के कुछ चित्र भी जसवन्त ठाड़ा पर प्रदर्शित किये गये हैं।
40. गवर्नमेण्ट म्यूजियम उम्मेद बाग के मध्य में स्थित है और हथियारों, वस्त्रों, चित्रों, पाण्डुलिपियों, तस्वीरों, स्थानीय कला और शिल्पों का एक समृद्ध संग्रह रखता है।
41. बालसमन्द झील और महल एक कृत्रिम झील है और एक शानदार विहार स्थल है और 1159 ईस्वीं में बनवाया गया था।
42. मारवाड़ प्रमुख उत्सव है,जो अक्टूबर के महीने में मनाया जाता है।
43. जोधपुर इसके काष्ट और लौह फर्नीचर, पारंपरिक जोधपुरी हस्तकला, रंगाई वस्त्रों, चमड़े के जूतों, पुरातन वस्तुओँ, कसीदा किये पायदानों, बंधाई और रंगाई की साड़ियों, चांदी के आभूषणों, स्थानीय हस्तकलाओं और वस्त्रों, लाख कार्य औऱ चूड़ियों के लिए जाना जाता है, कुछ सामान है जो आप जोधपुर से खरीद सकते हैं।
44. सेन्ट्रल मार्केट, सोजती गेट, स्टेशन रोड़, सरदार मार्केट, त्रिपोलिया बाजार, मोची बाजार, लखेरा बाजार, जोधपुर में कुछ सबसे अच्छे खरीददारी स्थानों में हैं।
45. अक्टूबर से मार्च जोधपुर शहर के भ्रमण का सर्वोत्तम समय है।
46. बिना मीटर की टैक्सी, ऑटो रिक्शा, टेम्पो और साईकिल रिक्शा जोधपुर शहर के अन्दर यातायात के प्रमुख साधन है।
47. जोधपुर का इसका अपना हवाई अड्डा है जो जयपुर, दिल्ली, उदयपुर, मुम्बई, और कुछ अन्य प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है।
48. जोधपुर शहर ब्रोड् गेज रेल्वे लाईनों से सीधे जुड़ा है, जो इसे राजस्थान के अन्दर और बाहर प्रमुख स्थानो से जोड़ता है।

जैसलमेर

49. जैसलमेर गर्म और झुलसाने वाली ग्रीष्म ओर ठंड़ी और जमाने वाली सर्दियों के साथ विशिष्ट रेगिस्तानी वर्ग की जलवायु के लिए जाना जाता है।
50. अक्टूबर से फरवरी जैसलमेर भ्रमण का श्रेष्ठ समय माना जाता है।
51. जैसलमेर से 16 किमी की दूरी पर स्थित, लोदुरवा जैसलमेर की प्राचीन राजधानी थी।
52. जैसलमेर की बाहरी सीमा पर स्थित लोकप्रिय सैर स्थलों में से एक, लोदुर्वा लोकप्रिय जैन मंदिर के लिए जाना जाता है, जो वर्ष भर तीर्थयात्राओं की एक बड़ी संख्या को आकर्षित करता है।
53. जैन मंदिर का मुख्य आर्षषण ‘कल्पतरू’ नामक एक दैवीय वृक्ष है और लोकप्रिय नक्काशियां और गुंबद मंदिर में अतिरिक्त आकर्षण को जोड़ते है।
54. वुड़ फॉसिल पार्क जैसलमेर के आस पास में उपलब्ध उत्कृष्ट सैर स्थलों में से एक है।
55. लाखों वर्ष पुराने जीवाश्मों के लिए प्रसिद्ध, वुड़ फॉसिल पार्क जैसलमेर में थार डेजर्ट का एक भूवैज्ञानिक चिन्ह है।
56. थार डेजर्ट का सौन्दर्य, जैसलमेर से 42 किमी दूर स्थित, सम रेतीले टीलों द्वारा अच्छी तरह बताया गया है।
57. सम रेत के टीले मानव को प्रकृति का सर्वोत्तम उपहार है।
58. सैंकड़ों और हजारों पर्यटक साम रेतीले टीलों से प्रकृति के अद्भुत कलात्मक दृश्य को देखने राजस्थान आते हैं और यह स्थान ऊँट अभियान के द्वारा अच्छी तरह बताया जा सकता है।
59. जैसलमेर के रेतीले शहर से 45 किमी दूर, डेजर्ट नेशनल पार्क रेतीले टीलों और झाड़ियों से ढकी पहाड़ियों के लिए जाना जाता है।
60. सैर की श्रेष्ठ जगह, डेजर्ट नेशनल पार्क काले हिरण, चिन्कारा, रेगिस्तानी लेमड़ी और श्रेष्ठ भारतीय बस्टर्ड के लिए प्रसिद्ध है।
61. जैसलमेर की सर्वश्रेष्ठ हवेलियों में से एक, अमर सागर नक्काशीदार स्तंभों और बड़े गलियारों और कमरों के लिए जानी जाती है।
62. खण्ड़ों के नमूनों पर निर्मित, अमर सागर हवेली एक पांच मंजिल ऊँची, सुंदर भित्ती चित्रोंसे सुसज्जित हवेली है।

 उदयपुर

63. उदयपुर मेवाड़ के प्राचीन राज्य की ऐतिहासिक राजधानी है औऱ वर्तमान में उदयपुर जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है।
64. झीलों और महलो का शहर, उदयपुर हरी भरी अरावली श्रेणी और स्फटिक स्वच्छ पानी की झील द्वारा घिरा हुआ है।
65. रोमांच औऱ सौंदर्य का उत्तम संयोजन, उदयपुर, चित्रकारों, कवियों, औऱ लेखकों की कल्पना के लिए प्रथम चयन हो सकता है।
66. उदयपुर राजस्थान के दक्षिणी भाग में स्थित है और अरावली श्रेणियों से घिरा हुआ है।
67. उदयपुर इसकी सुंदर झीलों, सुनिर्मित महलों, हरे भरे बगीचों और मंदिरों के लिए जाना जाता है, लेकिन इस जगह के प्रमुख आकर्षण लेक पैलेस और सिटी पैलेस हैं।
68. सिटी पैलेस पिछोला झील के किनारे पर स्थित है, यह शीशे और कांच के कार्य से निर्मित एक भव्य और प्रेरणादायी गढ़ है।
69. कलाओं और परिकल्पनाओं का एक उत्तम संयोजन, सिटी पैलेस तकनीक और स्थापत्य में इसकी उन्नति के लिए जाना जाता है।
70. सिटी पैलेस का एक भाग अब एक संग्रहालय में परिवर्तित कर दिया है, जो कला औऱ साहित्य के कुछ उत्तम रूपों को प्रदर्शित करता है।
71. उदयपुर कई संयुक्त आर्कषणों और प्राकृतिक सौन्दर्य से धन्य है, राजस्थान का एक प्रसिद्ध शहर इसके उत्कृष्य स्थापत्य और हस्तशिल्प के लिए जाना जाता है।
72. जग मंदिर, फतेह प्रकाश पैलेस, क्रिस्टल गैलरी, और शिल्पग्राम उदयपुर के आस पास में स्थित कुछ श्रेष्ठ स्मारक और स्थान हैं।
73. जग मंदिर पिछोला लेक में स्थित एक द्वीप महल है जो महाराजा करन सिंह ने राजकुमार खुर्रम के शरण स्थल के लिए बनवाया था।
74. जग मंदिर इसके सुंदर बगीचों, प्रांगण और स्लेटी और नीले पत्थर में प्रदर्शिरत नक्काशीदार “छत्री” के लिए भी जाना जाता है।
75. फतेह प्रकाश पैलेस विलासिता और सौर्दर्य का एक उत्तम उदाहरण है जो उदयपुर को शाही आतिथ्य और संस्कृति के शहर के रूप में अभिव्यक्त करता है।
76. शिल्पग्राम आधुनिक अवधारणा को कम प्रमुखता देते हुए, गांव की अवधारणा पर बनाया गया है।
77. कलाओं, संस्कृति और शिल्प का एक उत्तम मिश्रण शिल्पग्राम में प्रदर्शित किया गया है और इसके मिट्टी के काम के लिए जाना जाता है, जो मुख्यतः गहरी भूरी और गहरी लाल मिट्टी में किया जाता है।
78. मेवाड़ उत्सव उदयपुर के महत्वपूर्ण उत्सवों में से एक है और प्रतिवर्ष अप्रैल माह में मनाया जाता है।
79. उदयपुर में खरीददारी हमेशा एक सुखदायी अनुभव है और यह स्थानीय व्यापारियों द्वारा विकसित उत्कृष्ट हस्तशिल्प और कार्यों को दिखाती है।
80. उदयपुर के मुख्य बाजार पैलेस रोड़, हाथी पोल, बड़ा बाजार, बापू बाजार और चेतक सर्किल हैं। राजस्थली राजस्थान सरकार का स्वीकृति प्राप्त विक्रय केन्द्र है।
81. सितंबर से मार्च उदयपुर भ्रमण का सबसे उत्तम मौसम है।

बीकानेर

82. राजसी शहर बीकानेर का एक अद्वितिय कालजयी आकर्षण है।
83. राजस्थान का यह रेगिस्तानी शहर इसके आकर्षणों के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें दुर्ग, मंदिर, और कैमल फेस्टिवल शामिल हैं। ऊँटों के देश के रूप में प्रचलित बीकानेर नें औद्योगिक क्षेत्र में भी एक छाप बनाई है।
84. इसकी बीकानेरी मिठाइयों औऱ नाश्ते के लिए संसार में सुप्रसिद्ध, बीकानेर का प्रगतिशील पर्यटन उद्योग भी राजस्थान की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
85. एक रोमांचक ऊँट की सवारी की आशा करने वाले पर्यटकों के लिए बीकानेर एक प्रमुख केन्द्र भी है, जो सुदूर राजस्थान की उत्तम जीवन शैली में अन्तदृष्टी प्रदान करता है।
86. जूनागढ़ दुर्ग के अन्दर एक संग्रहालय है, जिसमें बहुमूल्य पुरातन वस्तुओं का संग्रह है।
87. लालगढ़ पैलेस महाराजा गंगा सिंह द्वारा बनवाया गया था और बीकानेर शहर से 3 किमी उत्तर में स्थित है।
88. दि राजस्थान टूरिज्म डवलपमेन्ट कॉर्पोरेशन(आर.टी.डी.सी.) ने लालगढ़ पैलेस का एक भाग एक होटल में बदल दिया है।
89. लालगढ़ पैलेस के अन्दर एक पुस्तकालय भी है, जिसमें ब़डी संख्या में संस्कृत पाण्डुलिपियां हैं।
90. गजनेर वन्य जीव अभ्यारण्य बीकानेर शहर से 32 किमी दूर है औऱ जानवरों और पक्षियों की कई प्रजातियों का घर है।
91. भाण्डेश्वर और साण्डेश्वर मंदिर दो भाईयों द्वारा बनवाये गये थे और जैन तीर्थंकर, पार्श्वनाथ जी को समर्पित हैं।
92. कांच का कार्य और सोने के वर्क के चित्र भाण्डेश्वर औऱ साण्डेश्वर मंदिरों के प्रमुख आकर्षण हैं।
93. दि गंगा गोल्डन जुबली म्यूजियम में मिट्टी के बर्तनों, चित्रों, कालीनों, सिक्कों और शस्त्रागारों का एक बड़ा संग्रह है।
94. केमल फेस्टीवल प्रतिवर्ष जनवरी महीने में मनाया जाता है और राजस्थान के डिपार्टमेन्ट ऑफ टूरिज्म, आर्ट एण्ड कल्चर द्वारा आयोजित किया जाता है।
95. प्रसिद्ध बीकानेरी भुजिया और मिठाईयां बीकानेर में खरीददारी के कुछ सबसे अच्छे सामान हैं।
96. भ्रमण करने के श्रेष्ठ महीने अक्टूबर से मार्च शहर के भ्रमण का श्रेष्ठ समय है।

माउण्ट आबू

97.माउण्ट आबू, अरावली श्रेणी के दक्षिणी शिखर पर स्थित, राजस्थान का एकमात्र पर्वतीय स्थल है।
98.ब्रिटिश शासन के दौरान माउण्ट आबू अंग्रेजों का मनपसंद ग्रीष्मकालीन गन्तव्य बन गया ।
99. गौमुख मंदिर भगवान राम को समर्पित है, यह छोटा मंदिर माउण्ट आबू के 4 किमी दक्षिण मे स्थित है और इसका नाम एक संगमरमर का गाय के मुंह से बहते हुए एक प्राकृतिक झरने से लिया है।
100. नक्की झील, एक कृत्रिम झील कस्बे के हृदय में स्थित है और सुदृश्य पहाड़ियों, सुंदर बगीचों से घिरा हुआ है और एक अवश्य दर्शनीय स्थान है।

राजस्थान क़ा भूगोल

Posted by Vinod Bhana Thursday, October 14, 2010 0 comments

राजस्थान क़ा भूगोल
राजस्थान की आकृति पतन्गाकार है। राज्य २३ ३ से ३० १२अक्षांश और ६९ ३० से ७८ १७ देशान्तर के बीच स्थित है। इसके उत्तर में पाकिस्तान, पंजाब और हरियाणा, दक्षिण में मध्यप्रदेश और गुजरात, पूर्व में उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश एवं पश्चिम में पाकिस्तान है।
सिरोही से अलवर की ओर जाती हुई ४८० कि.मी. लम्बी अरावली पर्वत श्रृंखला प्राकृतिक दृष्टि से राज्य को दो भागों में विभाजित करती है। राजस्थान का पूर्वी सम्भाग शुरु से ही उपजाऊ रहा है। इस भाग में वर्षा का औसत ५० से.मी. से ९० से.मी. तक है। राजस्थान के निर्माण के पश्चात् चम्बल और माही नदी पर बड़े-बड़े बांध और विद्युत गृह बने हैं, जिनसे राजस्थान को सिंचाई और बिजली की सुविधाएं उपलब्ध हुई है। अन्य नदियों पर भी मध्यम श्रेणी के बांध बने हैं। जिनसे हजारों हैक्टर सिंचाई होती है। इस भाग में ताम्बा, जस्ता, अभ्रक, पन्ना, घीया पत्थर और अन्य खनिज पदार्थों के विशाल भण्डार पाये जाते हैं।
राज्य का पश्चिमी संभाग देश के सबसे बड़े रेगिस्तान "थारपाकर' का भाग है। इस भाग में वर्षा का औसत १२ से.मी. से ३० से.मी. तक है। इस भाग में लूनी, बांड़ी आदि नदियां हैं, जो वर्षा के कुछ दिनों को छोड़कर प्राय: सूखी रहती हैं। देश की स्वतंत्रता से पूर्व बीकानेर राज्य गंगानहर द्वारा पंजाब की नदियों से पानी प्राप्त करता था। स्वतंत्रता के बाद राजस्थान इण्डस बेसिन से रावी और व्यास नदियों से ५२.६ प्रतिशत पानी का भागीदार बन गया। उक्त नदियों का पानी राजस्थान में लाने के लिए सन् १९५८ में राजस्थान नहर (अब इंदिरा गांधी नहर) की विशाल परियोजना शुरु की गई। जोधपुर, बीकानेर, चुरु एवं बाड़मेर जिलों के नगर और कई गांवों को नहर से विभिन्न "लिफ्ट परियोजनाओं' से पहुंचाये गये पीने का पानी उपलब्ध होगा। इस प्रकार राजस्थान के रेगिस्तान का एक बड़ा भाग शस्य श्यामला भूमि में बदल जायेगा। सूरतगढ़ में यह नजारा इस समय भी देखा जा सकता है।
इण्डस बेसिन की नदियों पर बनाई जाने वाली जल-विद्युत योजनाओं में भी राजस्थान भागीदार है। इसे इस समय भाखरा-नांगल और अन्य योजनाओं के कृषि एवं औद्योगिक विकास में भरपूर सहायता मिलती है। राजस्थान नहर परियोजना के अलावा इस भाग में जवाई नदी पर निर्मित एक बांध है, जिससे न केवल विस्तृत क्षेत्र में सिंचाई होती है, वरन् जोधपुर नगर को पेय जल भी प्राप्त होता है। यह सम्भाग अभी तक औद्योगिक दृष्टि से पिछड़ा हुआ है। पर इस क्षेत्र में ज्यो-ज्यों बिजली और पानी की सुविधाएं बढ़ती जायेंगी औद्योगिक विकास भी गति पकड़ लेगा। इस बाग में लिग्नाइट, फुलर्सअर्थ, टंगस्टन, बैण्टोनाइट, जिप्सम, संगमरमर आदि खनिज पदार्थ प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं। जैसलमेर क्षेत्र में तेल मिलने की अच्छी सम्भावनाएं हैं। हाल ही की खुदाई से पता चला है कि इस क्षेत्र में उच्च कि की गैस प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। अब वह दिन दूर नहीं है जबकि राजस्थान का यह भाग भी समृद्धिशाली बन जाएगा।
राज्य का क्षेत्रफल ३.४२ लाख वर्ग कि.मी. है जो भारत के क्षेत्रफल का १०.४० प्रतिशत है। यह भारत का सबसे बड़ा राज्य है। वर्ष १९९६-९७ में राज्य में गांवों की संख्या ३७८८९ और नगरों तथा कस्बों की संख्या २२२ थी। राज्य में ३३ जिला परिषदें, २३५ पंचायत समितियां और ९१२५ ग्राम पंचायतें हैं। नगर निगम २ और सभी श्रेणी की नगरपालिकाएं १८० हैं।
सन् १९९१ की जनगणना के अनुसार राज्य की जनसंख्या ४.३९ करोड़ थी। जनसंखाय घनत्व प्रति वर्ग कि.मी. १२६ है। इसमें पुरुषों की संख्या २.३० करोड़ और महिलाओं की संख्या २.०९ करोड़ थी। राज्य में दशक वृद्धि दर २८.४४ प्रतिशत थी, जबकि भारत में यह दर २३.५६ प्रतिशत थी। राज्य में साक्षरता ३८.८१ प्रतिशत थी. जबकि भारत की साक्षरता तो केवल २०.८ प्रतिशत थी जो देश के अन्य राज्यों में सबसे कम थी। राज्य में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति राज्य की कुल जनसंख्या का क्रमश: १७.२९ प्रतिशत और १२.४४ प्रतिशत है।

राजस्थान का एकीकरण
राजस्थान भारत का एक महत्ती प्रांत है। यह तीस मार्च 1949 को भारत का एक ऐसा प्रांत बना जिसमें तत्कालीन राजपूताना की ताकतवर रियासतों ने विलय किया। इसी कारण इसका नाम राजस्थान बना। राजस्थान यानि राजपूतो का स्थान,इसका नाम राजस्थान होने के पीछे यही एकमात्र मजबूत तर्क है। अगर राजपूताना की देशी रियासतों के विलय के बाद बने इस राज्य की कहानी देखे तो यह प्रासंगिक भी लगता है।
भारत के संवैधानिक इतिहास में राजस्थान का निर्माण एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी । ब्रिटिश शासको द्वारा भारत को आजाद करने की घोषणा करने के बाद जब सत्ता हस्तांतरण की कार्यवाही शुरू की तभी लग गया था कि आजाद भारत का राजस्थान प्रांत बनना और राजपूताना के तत्कालीन हिस्से का भारत में विलय एक दूभर कार्य साबित हो सकता है। आजादी की घोषणा के साथ ही राजपूताना के देशी रियासतों के मुखियाओं में स्वतंत्र राज्य में भी अपनी सत्ता बरकरार रखने की होड सी मच गयी थी , उस समय वर्तमान राजस्थान की भौगालिक स्थिति के नजरिये से देखे तो राजपूताना के इस भूभाग में कुल बाइस देशी रियासते थी। इनमें एक रियासत अजमेर मेरवाडा प्रांत को छोड शेष देशी रियासतों पर देशी राजा महाराजाओं का ही राज था। अजमेर-मेरवाडा प्रांत पर ब्रिटिश शासको का कब्जा था इस कारण यह तो सीघे ही स्वतंत्र भारत में आ जाती, मगर शेष इक्कीस रियासतो का विलय होना यानि एकीकरण कर राजस्थान नामक प्रांत बनाना था। सत्ता की होड के चलते यह बडा ही दूभर लग रहा था क्योंकि इन देशी रियासतों के शासक अपनी रियासतों का स्वतंत्र भारत में विलय को दूसरी प्राथमिकता के रूप में देख रहे थे। उनकी मांग थी कि वे सालों से शासन चलाते आ रहे है। उन्हें शासन करने का अनुभव है । इस कारण उनकी रियासत को स्वतंत्र राज्य का दर्जा दे दिया जाए । करीब एक दशक की उहापोह के बीच 18 मार्च 1948 को शुरू हुयी राजस्थान के एकीकरण की प्रक्रिया। कुल सात चरण में एक नवंबर 1956 को पूरी हुयी । इसमें भारत सरकार के तत्कालीन देशी रियासती मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल और उनके सचिव वी पी मेनन की भूमिका महत्ती साबित हुयी । इनकी सूझबूझ से ही राजस्थान का निर्माण हो सका।

पहला चरण- 18 मार्च 1948
सबसे पहले अलवर , भरतपुर, धौलपुर, व करौली नामक देशी रियासतो का विलय कर तत्कालीन भारत सरकार ने फरवरी 1948 मे अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल कर मत्स्य यूनियन के नाम से पहला संध बनाया। यह राजस्थान के निर्माण की दिशा में पहला कदम था। इनमें अलवर व भरतपुर पर आरोप था कि उनके शासक राष्टृविरोधी गतिविधियों में लिप्त थे। इस कारण सबसे पहले उनके राज करने के अधिकार छीन लिए गए व उनकी रियासत का कामकाज देखने के लिए प्रशासक नियुक्त कर दिया गया। इसी की वजह से राजस्थान के एकीकरण की दिशा में पहला संघ बन पाया । यदि प्रशासक न होते और राजकाज का काम पहले की तरह राजा ही देखते तो इनका विलय असंभव था क्योंकि इन राज्यों के राजा विलय का विरोध कर रहे थे।18 मार्च 1948 को मत्स्य संघ का उद़घाटन हुआ और धौलपुर के तत्कालीन महाराजा उदय सिंह को इसका राजप्रमुख मनाया गया। इसकी राजधानी अलवर रखी गयी थी। मत्स्य संध नामक इस नए राज्य का क्षेत्रफल करीब तीस हजार किलोमीटर था। जनसंख्या लगभग 19 लाख और आय एक करोड 83 लाख रूपए सालाना थी। जब मत्स्य संघ बनाया गया तभी विलय पत्र में लिख दिया गया कि बाद में इस संघ का राजस्थान में विलय कर दिया जाएगा।

दूसरा चरण 25 मार्च 1948
राजस्थान के एकीकरण का दूसरा चरण पच्चीस मार्च 1948 को स्वतंत्र देशी रियासतों कोटा, बूंदी, झालावाड, टौंक, डूंगरपुर, बांसवाडा, प्रतापगढ , किशनगढ और शाहपुरा को मिलाकर बने राजस्थान संघ के बाद पूरा हुआ। राजस्थान संध में विलय हुई रियासतों में कोटा बडी रियासत थी इस कारण इसके तत्कालीन महाराजा महाराव भीमसिंह को राजप्रमुख बनाया गया। के तत्कालीन महाराव बहादुर सिंह राजस्थान संघ के राजप्रमुख भीमसिंह के बडे भाई थें इस कारण उन्हे यह बात अखरी की कि छोटे भाई की राजप्रमुखता में वे काम कर रहे है। इस ईर्ष्या की परिणति तीसरे चरण के रूप में सामने आयी।

तीसरा चरण 18 अप्रैल 1948
बूंदी के महाराव बहादुर सिंह नहीं चाहते थें कि उन्हें अपने छोटे भाई महाराव भीमसिंह की राजप्रमुखता में काम करना पडें, मगर बडे राज्य की वजह से भीमसिंह को राजप्रमुख बनाना तत्कालीन भारत सरकार की मजबूरी थी। जब बात नहीं बनी तो बूंदी के महाराव बहादुर सिंह ने उदयपुर रियासत को पटाया और राजस्थान संघ में विलय के लिए राजी कर लिया। इसके पीछे मंशा यह थी कि बडी रियासत होने के कारण उदयपुर के महाराणा को राजप्रमुख बनाया जाएगा और बूंदी के महाराव बहादुर सिंह अपने छोटे भाई महाराव भीम सिंह के अधीन रहने की मजबूरी से बच जाएगे और इतिहास के पन्नों में यह दर्ज होने से बच जाएगा कि छोटे भाई के राज में बडे भाई ने काम किया। अठारह अप्रेल 1948 को राजस्थान के एकीकरण के तीसरे चरण में उदयपुर रियासत का राजस्थान संध में विलय हुआ और इसका नया नाम हुआ संयुक्त राजस्थान संघ। माणिक्य लाल वर्मा के नेतृत्व में बने इसके मंत्रिमंडल में उदयपुर के महाराणा भूपाल सिंह को राजप्रमुख बनाया गया कोटा के महाराव भीमसिंह को वरिष्ठ उपराजप्रमुख बनाया गया। इसीके साथ बूंदी के महाराजा की चाल भी सफल हो गयी।

चौथा चरण तीस मार्च 1949
इससे पहले बने संयुक्त राजस्थान संघ के निर्माण के बाद तत्कालीन भारत सरकार ने अपना ध्यान देशी रियासतों जोधपुर , जयपुर, जैसलमेर और बीकानेर पर केन्द्रित किया और इसमें सफलता भी हाथ लगी और इन चारों रियासतो का विलय करवाकर तत्कालीन भारत सरकार ने तीस मार्च 1949 को ग्रेटर राजस्थान संघ का निर्माण किया, जिसका उदघाटन भारत सरकार के तत्कालीन रियासती मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने किया। यहीं आज के राजस्थान की स्थापना का दिन माना जाता है। इस कारण इस दिन को हर साल राजस्थान दिवस के रूप में मनाया जाता है। हांलांकि अभी तक चार देशी रियासतो का विलय होना बाकी था, मगर इस विलय को इतना महत्व नहीं दिया जाता है , क्योंकि जो रियासते बची थी वे पहले चरण में ही मत्स्य संघ के नाम से स्वतंत्र भारत में विलय हो चुकी थी। अलवर , भतरपुर, धौलपुर व करौली नामक इन रियासतो पर भारत सरकार का ही आधिपत्य था इस कारण इनके राजस्थान में विलय की तो मात्र औपचारिकता ही होनी थी।

पांचवा चरण 15 अप्रेल 1949
पन्द्रह अप्रेल 1949 को मत्स्य संध का विलय ग्रेटर राजस्थान में करने की औपचारिकता भी भारत सरकार ने निभा दी। भारत सरकार ने 18 मार्च 1948 को जब मत्स्य संघ बनाया था तभी विलय पत्र में लिख दिया गया था कि बाद में इस संघ का राजस्थान में विलय कर दिया जाएगा। इस कारण भी यह चरण औपचारिकता मात्र माना गया।

छठा चरण 26 जनवरी 1950
भारत का संविधान लागू होने के दिन 26 जनवरी 1950 को सिरोही रियासत का भी विलय ग्रेटर राजस्थान में कर दिया गया। इस विलय को भी औपचारिकता माना जाता है क्योंकि यहां भी भारत सरकार का नियंत्रण पहले से ही था। दरअसल जब राजस्थान के एकीकरण की प्रक्रिया चल रही थी, तब सिरोही रियासत के शासक नाबालिग थे। इस कारण सिरोही रियासत का कामकाज दोवागढ की महारानी की अध्यक्षता में एजेंसी कौंसिल ही देख रही थी जिसका गठन भारत की सत्ता हस्तांतरण के लिए किया गया था। सिरोही रियासत के एक हिस्से आबू देलवाडा को लेकर विवाद के कारण इस चरण में आबू देलवाडा तहसील को बंबई और शेष रियासत विलय राजस्थान में किया गया।

सांतवा चरण एक नवंबर 1956
अब तक अलग चल रहे आबू देलवाडा तहसील को राजस्थान के लोग खोना नही चाहते थे, क्योंकि इसी तहसील में राजस्थान का कश्मीर कहा जाने वाला आबूपर्वत भी आता था , दूसरे राजस्थानी, बच चुके सिरोही वासियों के रिश्तेदार और कईयों की तो जमीन भी दूसरे राज्य में जा चुकी थी। आंदोलन हो रहे थे, आंदोलन कारियों के जायज कारण को भारत सरकार को मानना पडा और आबू देलवाडा तहसील का भी राजस्थान में विलय कर दिया गया। इस चरण में कुछ भाग इधर उधर कर भौगोलिक और सामाजिक त्रुटि भी सुधारी गया। इसके तहत मध्यप्रदेश में शामिल हो चुके सुनेल थापा क्षेत्र को राजस्थान में मिलाया गया और झालावाड जिले के उप जिला सिरनौज को मध्यप्रदेश को दे दिया गया। इसी के साथ आज से राजस्थान का निर्माण या एकीकरण पूरा हुआ। जो राजस्थान के इतिहास का एक अति महत्ती कार्य था

प्राचीन काल में राजस्थान
राजस्थान भारत वर्ष के पश्चिम भाग में अवस्थित है जो प्राचीन काल से विख्यात रहा है। तब इस प्रदेश में कई इकाईयाँ सम्मिलित थी जो अलग-अलग नाम से सम्बोधित की जाती थी। उदाहरण के लिए जयपुर राज्य का उत्तरी भाग मध्यदेश का हिस्सा था तो दक्षिणी भाग सपालदक्ष कहलाता था। अलवर राज्य का उत्तरी भाग कुरुदेश का हिस्सा था तो भरतपुर, धोलपुर, करौली राज्य शूरसेन देश में सम्मिलित थे। मेवाड़ जहाँ शिवि जनपद का हिस्सा था वहाँ डूंगरपुर-बांसवाड़ा वार्गट (वागड़) के नाम से जाने जाते थे। इसी प्रकार जैसलमेर राज्य के अधिकांश भाग वल्लदेश में सम्मिलित थे तो जोधपुर मरुदेश के नाम से जाना जाता था। बीकानेर राज्य तथा जोधपुर का उत्तरी भाग जांगल देश कहलाता था तो दक्षिणी बाग गुर्जरत्रा (गुजरात) के नाम से पुकारा जाता था। इसी प्रकार प्रतापगढ़, झालावाड़ तथा टोंक का अधिकांस भाग मालवादेश के अधीन था। बाद में जब राजपूत जाति के वीरों ने इस राज्य के विविध भागों पर अपना आधिपत्य जमा लिया तो उन भागों का नामकरण अपने-अपने वंश अथवा स्थान के अनुरुप कर दिया। ये राज्य उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़, प्रतापगढ़, जोधपुर, बीकानेर, किशनगढ़,( जालोर ) सिरोही, कोटा, बूंदी, जयपुर, अलवर, भरतपुर, करौली, झालावाड़, और टोंक थे।  इन राज्यों के नामों के साथ-साथ इनके कुछ भू-भागों को स्थानीय एवं भौगोलिक विशेषताओं के परिचायक नामों से भी पुकारा जाता है। ढ़ूंढ़ नदी के निकटवर्ती भू-भाग को ढ़ूंढ़ाड़ (जयपुर) कहते हैं। मेव तथा मेद जातियों के नाम से अलवर को मेवात तथा उदयपुर को मेवाड़ कहा जाता है। मरु भाग के अन्तर्गत रेगिस्तानी भाग को मारवाड़ भी कहते हैं। डूंगरपुर तथा उदयपुर के दक्षिणी भाग में प्राचीन ५६ गांवों के समूह को ""छप्पन नाम से जानते हैं। माही नदी के तटीय भू-भाग को कोयल तथा अजमेर के पास वाले कुछ पठारी भाग को ऊपरमाल की संज्ञा दी गई है।

राजस्थान

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राजस्थान

राजस्थान भारत का एक प्रान्त है । यहाँ की राजधानी जयपुर है।
राजस्थान भारत गणराज्य का क्षेत्रफल के आधार पर सबसे बड़ा राज्य है। इसके पश्चिम में पाकिस्तान, दक्षिण-पश्चिम में गुजरात, दक्षिण-पूर्व में मध्यप्रदेश, उत्तर में पंजाब, उत्तर-पूर्व में उत्तरप्रदेश और हरियाणा है। राज्य का क्षेत्रफल 3,42,239 वर्ग कि.मी. (1,32,139 वर्ग मील) है।
जयपुर राज्य की राजधानी है। भौगोलिक विशेषताओं में पश्चिम में थार मरूस्थल और घग्गर नदी का अंतिम छोर है। विश्व की पुरातन श्रेणियों में प्रमुख अरावली श्रेणी राजस्थान का एकमात्र पहाडी, जो कि पर्यटन का केन्द्र है, माउंट आबू और विश्वविख्यात दिलवाड़ा मंदिर सम्मिलित करती है। पूर्वी राजस्थान में दो बाघ अभयारण्य, रणथम्भौर एवं सरिस्का हैं और भरतपुर के समीप केवलादेव राष्ट्रीय उध्यान है, जो पक्षियों की रक्षार्थ निर्मित किया गया है।

जेलर भारत भूषण भट्ट
जेलर भारत भूषण भट्ट ने 38 फिल्मों मे भूमिका निभाई थी जिनकी  जोधपुर जेल मे जय बंद करवाने के दोरान हत्या कर दि गई यह मूल रूप से अजमेर के किशन गड़ के रहने वाले थे, हाल ही मे इनकी जयपुर बोम ब्लास्ट पर आधारित फिल्म "13 मई गुलाबी नगर " प्रदर्शित हुई थी |
इटली मे बुर्के के खिलाफ बिल पेश -
इस बिल के मुताबिक बुरका पहनने पर एक वर्ष की जेल हो सकती है | इटली मे नोर्थ लीग पार्टी ने बुर्के पर प्रतिबन्ध लगाने सम्बन्धी बिल संसद के निचले सदन मे पेश किया है | इससे पहले फ़्रांसिसी संसद के उच्च सदन ने एसा ही कानून पास किया था |

भारत का संक्षिप्त इतिहास (स्वतंत्रता-पूर्व)
ईसा पूर्व
3000-1500 सिंधु घाटी सभ्‍यता
576 गौतम बुद्ध का जन्‍म
527 महावीर का जन्‍म
327-326 भारत पर एलेक्‍जेंडर का हमला। इसने भारत और यूरोप के बीच एक भू-मार्ग खोल दिया
313 जैन परंपरा के अनुसार चंद्रगुप्‍त का राज्‍याभिषेक
305 चंद्रगुप्‍त मौर्य के हाथों सेल्‍युकस की पराजय
273-232 अशोक का शासन
261 कलिंग की विजय
145-101 एलारा का क्षेत्र, श्रीलंका के चोल राजा
58 विक्रम संवत् का आरम्‍भ

ईसवी
78 शक संवत् का आरम्‍भ
120 कनिष्‍क का राज्‍याभिषेक
320 गुप्‍त युग का आरम्‍भ, भारत का स्‍वर्णिम काल
380 विक्रमादित्‍य का राज्‍याभिषेक
405-411 चीनी यात्री फाहयान की यात्रा
415 कुमार गुप्‍त-1 का राज्‍याभि‍षेक
455 स्‍कंदगुप्‍त का राज्‍याभिषेक
606-647 हर्षवर्धन का शासन
712 सिंध पर पहला अरब आक्रमण
836 कन्‍नौज के भोज राजा का राज्‍याभिषेक
985 चोल शासक राजाराज का राज्‍याभिषेक
998 सुल्‍तान महमूद का राज्‍याभिषेक

स्वतन्त्रता के बाद भारत का संक्षिप्त इतिहास
1947 - 1950
भारत के संविधान पर हस्ताक्षर करते पंडित नेहरुदेश आजाद: १४ अगस्त १९४७ को जैसे ही घड़ी की सुई मे रात के १२ बजे, प्रथम प्रधानमंत्री श्री जवाहर लाल नेहरू ने देश के स्वतंत्र होने की घोषणा की। शोक की लहर: ३० जनवरी १९४८ को उस समय सारे देश में शोक की लहर दौड़ गई, जब नाथूराम गोड्से ने महात्मा गांधी की हत्या कर दी। भारत-पाकिस्तान के बीच प्रथम युद्ध: देश विभाजन के बाद नए पड़ोसी बने पाकिस्तान ने भारत पर हमला कर दिया। यह लड़ाई ३१ दिसम्बर, १९४८ को समाप्त हुई और इसमें दोनों देशों के लगभग १५००-१५०० सैनिक मारे गए तथा पाकिस्तान ने कश्मीर के एक भूभाग पर अधिकार कर लिया। भारत बना गणतंत्र: संविधान सभा द्वारा १९४९ में पारित किए जाने के बाद २६ जनवरी, १९५० को पहली बार देश का संविधान स्वीकार किया गया। जेल की बैरक में आईआईटी की स्थापना: सन् १९५० में पश्चिम बंगाल के खड़गपुर के निकट हुबली जेल के परिव्यक्त बैरक में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के रूप में देश के पहले तकनीकी उच्च शिक्षा संस्थान की नींव डाली गई।

1950 - 1970

PM Lal Bahadur Shastri
भारत के द्वितीय प्रधान मंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री।भाषाई आधार पर राज्यों का गठन: अलग तेलुगू राज्य की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद १९५३ में पहली बार भाषाई आधार पर आंध्रप्रदेश राज्य का गठन किया गया। वामपंथ का उदय: सन् १९५४ में शीत युद्ध के दौर से गुजर रहे विश्व के समक्ष पंडित जवाहरलाल नेहरू ने गुटनिरपेक्षता का सिद्धांत प्रस्तुत किया, जिसे बाद में यूगोस्लाविया के मार्शल टीटो, इंडोनेशिया के सुकर्णो और मिस्त्र के गमाल अब्दुल नासिर ने अंगीकार करते हुए गुटनिरपेक्ष आंदोलन को जन्म दिया। भारत-चीन युद्ध: २० अक्टूबर, १९६२ को पड़ोसी चीन ने विश्वासघात करते हुए अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख की सीमा पर धावा बोल दिया। इस युद्ध में भारत की शर्मनाक हार हुई, और चीन ने अक्साई चिन पर अधिकार कर लिया। पंडित नेहरू का देहांत: पक्षाघात का शिकार होने के बाद सन् १९६४ में पंडित नेहरू का निधन हो गया और प्रधानमंत्री की कुर्सी उनकी पुत्री इंदिरा गांधी के स्थान पर लाल बहादुर शास्त्री को प्राप्त हुई। इंदिरा बनीं प्रधानमंत्री: ११ जनवरी १९६६ को ताशकंद में लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु के बाद इंदिरा गांधी भारत की प्रथम महिला प्रधानमन्त्री बनीं। हरित क्रांति का जन्म: सन् १९६७ से लेकर १९७८ तक चली हरित क्रांति ने भारत को खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर बना दिया। आईटी क्रांति: १९६८ में टाटा कन्सल्टन्सी सर्विसिज़ की स्थापना से भारत नई ऊँचाई पर पहुंचा दिया। बैंकों का राष्ट्रीयकरण और प्रिवी पर्स का उन्नमूलन: १९ जुलाई, १९६९ को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बैंकों का राष्ट्रीयकरण कर दिया, और साथ ही, उन्होंने लगभग ४०० रजवाड़ों को आजादी के समय से ही मिल रहे खैरात (प्रिवी पर्स) को बंद कर दिया।

1970 - 1980
भारत के प्रथम परमाणु परीक्षण के बाद पोखरण का एक दृश्य।भारत-पाक के मध्य तीसरा युद्ध: सन् १९७१ में एक बार फिर भारत और पाकिस्तान आपस में भिड़ गए। परिणामस्वरूप एक नए देश बांग्लादेश(२५ दिसम्बर, १९७१) का जन्म हुआ। शिमला समझौते के अंतर्गत दोनों देशों के बीच शांति स्थापित हुई। चिपको आन्दोलन का जन्म: सन् १९७३ में उत्तराखंड राज्य के कुछ ग्राम वासियों ने वनों को काटने से बचाने के लिए एक अनोखे आंदोलन आरंभ किया, जिसमें वे पेड़ से चिपक जाते थे। पहला परमाणु परीक्षण: १८ मई, १९७४ को राजस्थान के पोखरण में भारत ने पहली बार सफल परमाणु परीक्षा किया. इस मिशन का नाम बुद्धा स्माइल्स रखा गया। शोले की रिकार्ड तोड़ सफलता: १९७५ में रमेश सिप्पी द्वारा निर्देशित चलचित्र शोले ने बालीवुड नया कीर्तिमान रचा और उस समय तक का यह सर्वश्रेष्ठ चलचित्र घोषित किया गया। अन्तरिक्ष में भारत: १९ अप्रैल १९७५ को पहले भारतीय उपग्रह आर्यभट्ट का सफल प्रक्षेपण । आपातकाल की घोषणा: जून १९७५ में इंदिरा गांधी ने आपातकाल की घोषणा की। टीकाकरण अभियान की शुभारंभ: १९७८ में सभी शिशुओं और गर्भवती महिलाओं को डिप्थीरिया, पोलियो, टिटनेस और कुकुरखांसी से बचाने के लिए टीकाकरण का सघन अभियान छेड़ा गया। मदर टेरेसा को नोबेल पुरस्कार: अपने जीवन का अधिकांश भाग कलकत्ता की मलिन बस्तियों में रहने वाले गरीबों की सेवा में गुजार देने वाली मदर टेरेसा को सन् १९७९ में शांति के लिए नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया।

1980 - 1990
एशियाई खेलों का सफल आयोजन: सन् १९८२ में भारत में दूसरी बार एशियाई खेलों का सफल आयोजन किया गया, जो कि पिछली बार की अपेक्षा कहीं बड़े पैमाने पर रहा और साथ ही इसी वर्ष रंगीन टीवी भी भारत आया। भारत बना क्रिकेट विश्व चैंपियन: १९८३ में खेलों की दुनिया में सबसे बड़ी जीत दर्ज करते हुए भारत ने कपिल देव की कप्तानी मे वेस्ट इंडीज को हराकर क्रिकेट विश्व कप अपने नाम कर लिया। ऑपरेशन ब्लूस्टार: जून १९८४ में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के निर्देश पर अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में जरनैल सिंह भिंडरावाले के नेतृत्व में घुसे खालिस्तानी आतंकवादियों को निकाल बाहर करने के लिए सेना ने ऑपरेशन ब्लू स्टार चलाया। अंतरिक्ष में प्रथम भारतीय: अप्रैल १९८४ में भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक और सफलता प्राप्त की, जब पहला भारतीय अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा, जो भारतीय वायुसेना के एक पायलट थे, अंतरिक्ष पहुंचे।
पहला भारतीय अंतरिक्ष यात्री, राकेश शर्मा।इंदिरा गांधी की हत्या: ३१ अक्टूबर, १९८४ को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके ही सिख अंगरक्षकों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इस हत्या को ऑपरेशन ब्लू स्टार के प्रतिकार के रूप में देखा गया। (यह केवल कुछ इतिहासकारो की राय है)। इंदिरा गांधी की हत्या के हुए सिक्ख विरोधी दंगों में २,००० से अधिक लोग मारे गए। एवरेस्ट विजय: २३ मई १९८४ को बचेंद्री पाल विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करने वाली भारत की पहली और विश्व की पांचवीं महिला बनीं। भोपाल गैस त्रासदी: ३ दिसम्बर, १९८४ को विश्व का सर्वाधिक भीषण औद्योगिक दुर्घटना सामने आई, जब मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में यूनियन कार्बाइड के कारखाने में गैस का रिसाब होने से लगभग ३,००० लोग अकाल मृत्यु का शिकार बने।
भोपाल गैस कांड स्मारक।सड़क पर उतरी मारुति: १९८४ में ८०० सीसी की मारुति कार लांच हुई, जिसने देश में वाहन क्रांति का मार्ग प्रशस्त किया। शाह बानो मामला: इस विवादास्पद मामले में उच्चतम न्यायालय ने मुस्लिम बोर्ड के निर्णय को पलटते हुए शाह बानो को गुजारा भत्ता देने को कहा लेकिन कट्टरपंथी मुस्लिम कार्यकर्ताओं के दबाव के आगे राजीव गांधी सरकार ने उच्चतम न्यायालय के निर्णय को प्रभावहीन बनाया। कनिष्क बमकांड: २३ जून, १९८५ को बब्बर खालसा के आतंकवादियों ने आयरलैंड से टोरंटो आ रहे एयर इंडिया के विमान को बम से उड़ा दिया, जिसमें सवार सभी ३२९ यात्री मारे गए। असम समझौता: १९८५ में राजीव गांधी सरकार और असम के चरमपंथी गुटों में ऐतिहासिक समझौते से यह आस बंधी थी कि इस राज्य में शांति हो जाएगी, लेकिन ऐसा पूरी तरह संभव नहीं हो सका। भारत-श्रीलंका शांति समझौता: भारतीय प्रधानमंत्री राजीव गांधी और श्रीलंका के राष्ट्रपति जेआर ने १९८७ में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता एक भूल साबित हुआ और इसके चलते श्रीलंका में हिंसक आंदोलन जोर पकड़ने लगा। मताधिकार की आयु सीमा घटी: १९८८ में राजीव गांधी सरकार ने मतदान के लिए न्यूनतम आयु सीमा २१ वर्ष से घटाकर १८ वर्ष कर दी। पृथ्वी प्रक्षेपास्त्र का सफल परीक्षण: भारत ने पूर्णतया स्वदेशी तकनीक पर आधारित बैलिस्टिक प्रक्षेपास्त्र का १९८८ में सफल परीक्षण किया। आरक्षण का पेंच: अगस्त १९९० में तत्कालीन प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह ने मंडल आयोग की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए सरकारी नौकरियों में अन्य पिछड़ा वर्गों के लिए २७ प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान लागू कर दिया। [संपादित करें] १९९० से २००० राजीव गांधी की हत्या: २१ मई, १९९१ को तमिलनाडु के श्रीपेराम्बदुर में लिट्टे की आत्मघाती हमलावर धनु ने राजीव गांधी की हत्या कर दी। आर्थिक उदारीकरण: १९९२ में तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिंह राव और वित्त मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने देश में आर्थिक सुधारों का नया दौर आरंभ किया। सत्यजीत राय को ऑस्कर अवार्ड: विश्व सिनेमा को यादगार फिल्में देने वाले निर्माता-निर्देशक सत्यजीत राय को १९९२ में ऑस्कर का लाइफटाइम एचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया गया। प्रतिभूति घोटाला: शेयर बाजारों में नियोजित तरीके से तेजी लाकर शेयरधारकों के करोड़ों रुपए का वारा-न्यारा करने का खेल पहली बार जगजाहिर हुआ। इस पूरे प्रकरण में हर्षद मेहता नामक व्यक्ति की सबसे बड़ी भूमिका थी। बाबरी विध्वंस: ६ दिसंबर १९९२ को अयोध्या में विवादास्पद बाबरी ढांचे को कट्टरपंथी हिंदुओं की भीड़ ने ढहा दिया। जिसकी प्रतिक्रिया में देश सांप्रदायिक दंगों की आग धधकने लगा था। मुंबई बमकांड: बाबरी मस्जिद ढहाए जाने की घटना के बाद मुंबई(१९९३) में श्रृंखलाबद्ध बम विस्फोट हुए, जिसमें लगभग २५० लोग मारे गए। सुष्मिता को ब्रह्मांड सुंदरी का ताज: सुष्मिता सेन ब्रह्मांड सुंदरी का ताज पहनने वाली भारत की पहली महिला बनीं। सेलफोन की शुरूआत: १९९५ में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ज्योति बसु और केंद्रीय संचार मंत्री सुखराम ने सेलफोन पर पहली बार बात करते हुए देश में मोबाइल सेवा की शुरूआत की। इंटरनेट युग का आरंभ: १९९५ में विदेश संचार निगम लिमिटेड (वीएसएनएल) ने देश के छह नगरों में इंटरनेट सेवा का शुभारंभ किया। पोखरण-2: अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के शासनकाल में भारतीय वैज्ञानिकों ने ११-१३ मई, १९९८ में पोखरण में पांच परमाणु परीक्षण किए। पाकिस्तान ने भी प्रतिकार स्वरूप २८ मई, १९९८ में छह परमाणु परीक्षण कर डाले। अमर्त्य सेन को नोबेल पुरस्कार: १९९८ में अमर्त्य सेन को अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया। भारत-पाक बस सेवा: १९९९ में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत-पाकिस्तान के बीच बस सेवा आरंभ की। कारगिल की लड़ाई: जुलाई, १९९९ में भीरतीय सेना को कारगिल में पाकिस्तानी सेना की घुसपैठ की जानकारी मिली। जिसके बाद भारतीय सेना ने घुसपैठियों के विरुद्ध कार्रवाई आरंभ कर दी। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप पाकिस्तानी सेना और घुसपैठिये पीछे हटे। मैच फिक्सिन्ग: अप्रैल, २००० में क्रिकेट में मैच फिक्सिन्ग् उजागर होने से क्रिकेट की दुनिया में तहलका मचा। दिल्ली पुलिस ने दक्षिण अफ्रीका के कप्तान हेन्स क्रोनिये के विरुद्ध इस संबंध में मामला दर्ज किया। [संपादित करें] २००० से वर्तमान भारतीय संसद भवन पर हमला: १३ दिसंबर, २००१ को आतंकवादियों ने संसद भवन पर हमला किया, लेकिन देश के बहादुर सिपाहियों ने अपनी प्राणों की आहुति देकर भी आतंकवादियों के इरादों को विफल कर दिया। तहलका कांड: तहलका डॉटकॉम ने स्टिंग ऑपरेशन के द्वारा रक्षा सौदों के लिए सांसदों और सैन्य अधिकारियों को घूस लेते हुए उजागर किया। गोधरा जनसंहार: गुजरात के गोधरा में २७ फरवरी, २००२ को हिंदू तीर्थयात्रियों से भरी एक ट्रेन की बोगी को कुछ असामाजिक तत्वों ने जला डाला और जिसकी प्रतिक्रिया स्वरूप अगले ही दिन पूरे राज्य में दंगे भड़क उठे। कल्पना चावला का दुखद अंत: अंतरिक्ष पर पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला कल्पना चावला की दूसरी अंतरिक्ष यात्रा ही उनकी अंतिम यात्रा साबित हुई। ३ फरवरी, २००३ के दिन पृथ्वी की कक्षा में प्रवेश करते समय कोलंबिया शटल यान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और कल्पना सहित इसमें सवार सातों अंतरिक्ष यात्री मारे गए। सहवाग बनें `मुल्तान का सुल्तान´: २००४ में पाकिस्तान के विरुद्ध मुल्तान टेस्ट में सहवाग शानदार तिहरा शतक जमाने वाले पहले क्रिकेटर बने। भारत-अमेरिका परमाणु समझौता: २००५ में भारतीय प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने ऐतिहासिक असैन्य परमाणु सहयोग संधि पर हस्ताक्षर किए। सूचना का अधिकार: २००५ के सूचना के अधिकार कानून ने सरकारी बाबुओं को जवाबदेह बनाया। ११/७, मुंबई की उपनगरीय रेलों में श्रृंखलाबद्ध बम विस्फ़ोट: ११ जुलाई, २००६ को एक बार फिर मुंबई आतंकवादियो के निशाने पर आ गई। शाम के समय अपने घरों को लौट रहे लोकल ट्रेन के खचाखच भरे डिब्बों में २० मिनट के अंतराल पर हुए सात बम धमाको में २५० लोग मारे गए। टाटा ने कोरस को खरीदा: २००७ में किसी भारतीय कंपनी द्वारा अब तक के सबसे बड़े अधिग्रहण के रूप में टाटा स्टील ने एंग्लो-डच कंपनी कोरस को खरीद लिया। पहली महिला राष्ट्रपति: महाराष्ट्र की पहली महिला राज्यपाल बनने वाली प्रतिभा पाटील ने २५ जुलाई २००७ को देश की पहली महिला राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण की। मुंबई २६/११: एक बार फिर राष्ट्र की वित्तीय राजधानी पर आतंकवादियों का हमला। बुधवार, २६ नवंबर, २००८ की रात लगभग १० पाकिस्तानी आतंकवादी आधुनिक हथियारों से युक्त होकर चर्चगेट स्टेशन, कामा अस्पताल, और ताज और ओबेरॉय-ट्रायडैन्ट में घुसे। ३ दिन तक चले कमांडो ऑपरेशन में २०० से अधिक लोग मारे गए, और १० में से नौ आतंकवादी भी। एक आतंकवादी, अजमल कसाब को जीवित पकड़ लिया गया। 

भारतीय इतिहास
भारत का इतिहास लगभग ५००० साल पुराना माना जाता है। सिन्धु घाटी सभ्यता, जिसका आरंभ काल लगभग ३३०० ईसापूर्व से माना जाता है। इस सभ्यता की लिपि अब तक सफलता पूर्वक पढ़ी नहीं जा सकी है। सिंधु घाटी सभ्यता पाकिस्तान और उससे सटे भारतीय प्रदेशों में फैली थी। पुरातत्त्व प्रमाणों के आधार पर १९०० ईसापूर्व के आसपास इस सभ्यता का अक्स्मात पतन हो गया। १९वी शताब्दी के पाश्चात्य विद्वानों के प्रचलित दृष्टिकोणों के अनुसार आर्यों का एक वर्ग भारतीय उप महाद्वीप की सीमाओं पर २००० ईसा पूर्व के आसपास पहुंचा और पहले पंजाब में बस गया, और यही ऋग्वेद की ऋचाओं की रचना की गई। आर्यों द्वारा उत्तर तथा मध्य भारत में एक विकसित सभ्यता का निर्माण किया गया, जिसे वैदिक सभ्यता भी कहते हैं। प्राचीन भारत के इतिहास में वैदिक सभ्यता सबसे प्रारंभिक सभ्यता है जिसका संबंध आर्यों के आगमन से है। इसका नामकरण आर्यों के प्रारम्भिक साहित्य वेदों के नाम पर किया गया है। आर्यों की भाषा संस्कृत थी और धर्म "वैदिक धर्म" या "सनातन धर्म" के नाम से प्रसिद्ध था, बाद में विदेशी आक्रांताओं द्वारा इस धर्म का नाम हिन्दू पड़ा।
वैदिक सभ्यता सरस्वती नदी के तटीय क्षेत्र जिसमें आधुनिक भारत के पंजाब और हरियाणा राज्य आते हैं, में विकसित हुई। आम तौर पर अधिकतर विद्वान वैदिक सभ्यता का काल २००० ईसा पूर्व से ६०० ईसा पूर्व के बीच में मानते है, परन्तु नए पुरातत्त्व उत्खननों से मिले अवशेषों में वैदिक सभ्यता से संबंधित कई अवशेष मिले है जिससे कुछ आधुनिक विद्वान यह मानने लगे है कि वैदिक सभ्यता भारत में ही शुरु हुई थी, आर्य भारतीय मूल के ही थे और ऋग्वेद का रचना काल ३००० ईसा पूर्व रहा होगा, क्योंकि आर्यो के भारत में आने का न तो कोई पुरातत्त्व उत्खननों पर अधारित प्रमाण मिला है और न ही डी एन ए अनुसन्धानों से कोई प्रमाण मिला है। हाल ही में भारतीय पुरातत्व परिषद् द्वारा की गयी सरस्वती नदी की खोज से वैदिक सभ्यता, हड़प्पा सभ्यता और आर्यों के बारे में एक नया दृष्टिकोण सामने आया है। हड़प्पा सभ्यता को सिन्धु-सरस्वती सभ्यता नाम दिया है, क्योंकि हड़प्पा सभ्यता की २६०० बस्तियों मे से वर्तमान पाकिस्तान में सिन्धु तट पर मात्र २६५ बस्तियां थीं, जबकि शेष अधिकांश बस्तियां सरस्वती नदी के तट पर मिलती हैं, सरस्वती एक विशाल नदी थी। पहाड़ों को तोड़ती हुई निकलती थी और मैदानों से होती हुई समुद्र में जाकर विलीन हो जाती थी। इसका वर्णन ऋग्वेद में बार-बार आता है, यह आज से ४००० साल पूर्व भूगर्भी बदलाव की वजह से सूख गयी थी।
ईसा पूर्व ७ वीं और शुरूआती ६ वीं शताब्दि सदी में जैन और बौद्ध धर्म सम्प्रदाय लोकप्रिय हुए । अशोक (ईसापूर्व २६५-२४१) इस काल का एक महत्वपूर्ण राजा था जिसका साम्राज्य अफगानिस्तान से मणिपुर तक और तक्षशिला से कर्नाटक तक फैल गया था । पर वो सम्पूर्ण दक्षिण तक नहीं जा सका । दक्षिण में चोल सबसे शक्तिशाली निकले । संगम साहित्य की शुरुआत भी दक्षिण में इसी समय हुई । भगवान गौतम बुद्ध के जीवनकाल में, ईसा पूर्व ७ वीं और शुरूआती ६ वीं शताब्दि के दौरान सोलह बड़ी शक्तियां (महाजनपद) विद्यमान थे। अति महत्‍वपूर्ण गणराज्‍यों में कपिलवस्‍तु के शाक्‍य और वैशाली के लिच्‍छवी गणराज्‍य थे। गणराज्‍यों के अलावा राजतंत्रीय राज्‍य भी थे, जिनमें से कौशाम्‍बी (वत्‍स), मगध, कोशल, कुरु, पान्चाल, चेदि और अवन्ति महत्‍वपूर्ण थे। इन राज्‍यों का शासन ऐसे शक्तिशाली व्‍यक्तियों के पास था, जिन्‍होंने राज्‍य विस्‍तार और पड़ोसी राज्‍यों को अपने में मिलाने की नीति अपना रखी थी। तथापि गणराज्‍यात्‍मक राज्‍यों के तब भी स्‍पष्‍ट संकेत थे जब राजाओं के अधीन राज्‍यों का विस्‍तार हो रहा था। इसके बाद भारत छोटे-छोटे साम्राज्यों में बंट गया । आठवीं सदी में सिन्ध पर अरबी अधिकार हो गाय। यह इस्लाम का प्रवेश माना जाता है। बारहवीं सदी के अन्त तक दिल्ली की गद्दी पर तुर्क दासों का शासन आ गया जिन्होंने अगले कई सालों तक राज किया। दक्षिण में हिन्दू विजयनगर और गोलकुंडा के राज्य थे। १५५६ में विजय नगर का पतन हो गया। सन् १५२६ में मध्य एशिया से निर्वासित राजकुमार बाबर ने काबुल में पनाह ली और भारत पर आक्रमण किया। उसने मुग़ल वंश की स्थापना की जो अगले ३०० सालों तक चला। इसी समय दक्षिण-पूर्वी तट से पुर्तगाल का समुद्री व्यापार शुरु हो गया था। बाबर का पोता अकबर धार्मिक सहिष्णुता के लिए विख्यात हुआ। उसने हिन्दुओं पर से जज़िया कर हटा लिया। १६५९ में औरंग़ज़ेब ने इसे फ़िर से लागू कर दिया। औरंग़ज़ेब ने कश्मीर में तथा अन्य स्थानों पर हिन्दुओं को बलात मुसलमान बनवाया। उसी समय केन्द्रीय और दक्षिण भारत में शिवाजी के नेतृत्व में मराठे शक्तिशाली हो रहे थे। औरंगज़ेब ने दक्षिण की ओर ध्यान लगाया तो उत्तर में सिखों का उदय हो गया। औरंग़ज़ेब के मरते ही (१७०७) मुगल साम्राज्य बिखर गया। अंग्रेज़ों ने डचों, पुर्तगालियों तथा फ्रांसिसियों को भगाकर भारत पर व्यापार का अधिकार सुनिश्चित किया और १८५७ के एक विद्रोह को कुचलने के बाद सत्ता पर काबिज़ हो गए। भारत को आज़ादी १९४७ में मिली जिसमें महात्मा गाँधी के अहिंसा आधारित आंदोलन का योगदान महत्वपूर्ण था। १९४७ के बाद से भारत में गणतांत्रिक शासन लागू है। आज़ादी के समय ही भारत का विभाजन हुआ जिससे पाकिस्तान का जन्म हुआ और दोनों देशों में कश्मीर सहित अन्य मुद्दों पर तनाव बना हुआ है।

राष्ट्रीय परीद्रश्य

Posted by Vinod Bhana Saturday, September 18, 2010 0 comments

राष्ट्रीय परीद्रश्य

  • 2 6 / 11 मुंबई आतंकी हमले के बाद पहली बार 15  जुलाई 2010 को भारत व् पाकिस्थान के बीच विदेश मंत्री स्तर की वार्ता इस्लामाबाद मे हुई |
  • भारत व् पाकिस्थान के मध्य सियाचीन, सरक्रीक, कश्मीर, आतंकवाद, एवं द्विपक्षिये व्यापार मुद्दे है |
  • बारात व् पकिस्तान के मध्य 1947 , 1965 , 1971 व् 1999 (कारगिल ) मे युद्ध हो चुके है |
  • 19  जुलाई 2010 को वनांचल एक्सप्रेस से उत्तरबंग एक्सप्रेस सेंथिया स्टेशन पर टकरा गई यह स्टेशन पश्चिम बंगाल के वीरभूम जिले मे है |
  • 7 अप्रैल 2005 को श्रीनगर व् मुजफराबाद के बीच बस सेवा प्रारम्भ |
  • 20 जनुअरी 2006 को लाहोर से अमृतसर के बीच बस सेवा |
  • 18 फरवरी 2006 को मुनाबाव (राजस्थान )ओ खोकरापार (सिंध) के मध्य रेल सेवा आरम्भ |
  • 24 मार्च 2006 को अमृतसर - ननकाना साहिब बस सेवा प्रारम्भ |
  • पेटा (People for Ethical Treatment of Animal ) संस्था ने प्राणी विज्ञानं की कक्षाओ मे जंतुओं के विच्छेदन पर रोक लगाने की मांग की है |
  • फेट - अरब सागर मे चक्रवात जून 2010
  • लैला - बंगाल की खाड़ी मे चक्रवात
  • आईला - पश्चिमी बंगाल मे चक्रवात २४ मई 2009
  • फ्यान - मुंबई के तटवर्ती क्षेत्रों मे तूफ़ान 11 नवम्बर 2009
  • आंद्र प्रदेश राज्ये को तेलंगाना, महारष्ट्र को विदर्भ तथा पश्चिमी बंगाल को गोरखा लेण्ड व् उत्तर प्रदेश को हरित प्रदेश कहते है |
  • "लीलावती" पुस्तक प्रशिद्ध भारतीय गणितग "भास्कराचार्ये ने 12 वी सताब्दी मे लिखी थी| इस पुस्तक के नाम पर हाल ही मे गणित की अंतर राष्ट्रीय कोंग्रेस कमेटी ने 10 लाख रु क़ा पुरस्कार प्रारम्भ करने क़ा निर्णय लिया गया |
  • विश्व शांति सूचकांक 2010 के आधार पर भारत क़ा 128 वां स्थान है तथा सबसे शांत देश नुजीलेंड व् सबसे अशांत देश इराक को दर्ज किया गया है |

जोधपुर मे राज्ये क़ा पहला कन्वेंशन सेंटर बनेगा -
देश क़ा तीसरा व् राज्ये क़ा पहला राजीव गाँधी टूरिज्म  कन्वेंशन सेंटर जोधपुर मे बनेगा जिस पर 15 करोड़ रुपये की लगत आएगी, इसके लिए जोधपुर विकास प्राधिकरण,  विहार योजना मे २०० गुणा 180 वर्ग मीटर जमीन देगा|  इससे पहले तमिलनाडु व् भोपाल मे एसे सेण्टर बनाए गए है |
सिक्स वन प्रपत्र क्या है -
सिक्स वन प्रपत्र उस प्रपत्र को कहते है जिसमे किसान अपनी जमीन को बैंक के रहन रख कर मूल्य निर्धारण कर के ऋण लेता है | इस प्रपत्र को पटवारी द्वारा ही तहसीलदार के हस्ताक्षर से तहसील की डाक पंजिका मे दर्ज कर जारी किया जाता है |

HINDIGK

Posted by Vinod Bhana Tuesday, September 7, 2010 0 comments

jald hi

100 समसामयकी प्रश्न 2009 10

Posted by Vinod Bhana Sunday, September 5, 2010 0 comments

100 समसामयकी प्रश्न 2009

  • राजस्थान के 2010 - 11  क़ा बजट क़ा आकर कितने करोड़ रु रखा गया - 54348 करोड़ रु.
  • 2010 - 11 मे बी. पि. एल. परिवारों को कितने रु. किलो गेंहू देने की घोषणा की गई- 2 रु- किलो 
  • हाल ही मे इंडियन सोलिडेत्री काउंसलिंग की और से "नेशनल महिला रतन गोल्ड मेडल " से राज्य की किस महिला को सम्मानित किया गया- सुषमा रानी चुंग
  • 18 मार्च 2010 को भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के विकास आयुक्त हस्तशिल्प की और से वर्ष 2008 क़ा राष्ट्रीय पुरस्कार राज्ये के किस वेक्ति को दिया गया - रामस्वरूप शर्मा
  • 4 march 2010 को हुए "ले शो डी रिकोर्ड्स" कार्यकर्म मे लम्बी मुन्चो की वजह से जयपुर के किस वेक्ति क़ा नाम दूसरी बार गिनीज बुक ऑफ़ वर्ड रिकार्ड मे दर्ज हुआ है - रामसिंह चोहान
  • 25 से 27  फरवरी 2010 तक कृषि क़ा पहला मेगा "कृषि एक्सपो - 2010 " राज्य मे कहाँ आयोजित किया गया - कोटा मे
  • थार की ढाणी के लेखक कोंन है - पृथ्वी परिहार
  • फरवरी 2010 मे ढाका मे संपन्न दक्षिण एशियाई खेलों मे कांस्ये पदक जीतने वाले राजस्थान के एथलीट समर जीत सिंह राज्ये मे कहाँ के निवासी है - गंगानगर 
  • 24 फरवरी 2010 को रेल मंत्री  ममता बनर्जी   ने रेल बजट मे राजस्थान मे दुरन्तो सहित कितनी नई रेले चलने की घोषणा की है - 13
  • रेल बजट 2010  - 11 मे राजस्थान के किस स्टेशन को वर्ड क्लास स्टेशन क़ा तोहफा दिया है - कोटा
  • खेमारू गाँव के ३०० लोगों ने 24 घंटे मे 6 ,11,137 पोधे लगाकर एक रिकोर्ड बनाया जिसे जनवरी 2010 मे गिनीज बुक ऑफ़ वर्ड रिकोर्ड मे शामिल किया गया यह गाँव कोनसे जिले मे पड़ता है - डूंगरपुर
  • 7 दिसम्बर 2009 को जयपुर मे संपन्न राजस्थान क्रिकेट एशोशियेशन के चुनाव मे अध्यक्ष बनाये गए है - सी पि जोशी
  • जनवरी 2010 मे राजस्थान को विधुत क्षेत्र मे प्रशंशनिये कार्य निष्पादन के लिए केंद्र सरकार ने कितने पुरष्कार प्रदान किये है - २
  • 19 जनवरी 2010 को राज्य सरकार ने एक आदेश जारी करते हुए पूर्व प्रधान मंत्री राजीव गाँधी के नाम से संचालित कितने मिशनो क़ा पुनर्गठन कर दिया है - 5 मिशन
  • 9 फरवरी 2010 को मध्येमिक शिक्षा बोर्ड के अध्येक्ष नियुक्त किये गए है - सुभाष गर्ग
  • शेलेन्द्र कुमार सिंह के निधन के बाद 25 जनवरी 2010 को राज्य के 18 वे राज्यपाल के रूप मे किशने सपथ ली - प्रभा राव
  • 13 दिसंबर 2009 को राज्य के किस स्थान से सुचना एवं प्रोधोगिकी विभाग की देश की पहली वाई मेक्स सेवा प्रारंभ हो गई है - पीसांगन अजमेर
  • 1 दिसंबर 2009 को राज्य के किस राज्यपाल क़ा निधन हो गया था - शेलेन्द्र कुमार सिंह
  • केंद्र सरकार की राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत राज्य के प्रतेक 5 किमी की परिधि मे माध्यमिक स्कूल खोलने की योजना है इस योजना मे केंद्र व् राज्य क़ा वित्तीय अनुपात क्या है - 75 : 25
  • 29 नवम्बर 2009 तक थार मे तेल उत्पादक कंपनी केयर्न इंडिया ने मंगला क्षेत्र से कितना तेल निकलने क़ा काम पूरा कर लिया है - 10 लाख बेरल
  • 27 नवम्बर 2009 को राज्य की पूर्व उप मुख्य  मंत्री डॉ. कमला ने कोनसे राज्य के राज्य पाल पद की सपथ ग्रहण की - गुजरात 
  • गुजरात की राज्य पाल बंनने से पहले डॉ कमला कहाँ की राज्य पाल नियुक्त की गई - त्रिपुरा 
  • गुर्जर आरक्षण आन्दोलन की जाँच कर रहे बंसल आयोग क़ा कार्य काल बड़ा दिया गया है अब तक बंसल आयोग क़ा कार्यकाल कितनी बार बड चूका है - 6 बार 
  • राजस्थान परमाणु बिजलीघर रावत भाटा की सातवीं आठवी इकाई क़ा निर्माण कार्य कोनसे वर्ष मे शुरू होगा - 2010 मे 
  • सन 2010 से राजस्थान परमाणु बिजलीघर मे सातवी आठवी इकाई क़ा निर्माण कार्य प्रारंभ होगा इसमें कितने कितने मेघा वाट की इकाईया इस्थापित होगी - 700 -700 
  • वर्ष 2010 से राजस्थान परमाणु बिजलीघर मे 700 - 700 मेघा वाट की 2 इकाइय स्थापित की जा रही है, इनका निर्माण कार्य कोनसे वर्ष मे पूरा होगा - 2016 
  • २३ नवम्बर 2009 को पदम् श्री प्रोफ़ेसर गोवर्धन मेहता प्रतिष्ठित नेशनल रिसर्च प्रोफेसर नियुक्त किये गए है यह राज्य मे कहाँ के निवासी है - जोधपुर 
  • 21 नवम्बर 2009 से केंद्र सरकार ने राज्य के निशक्तों को इन्द्र गाँधी राष्ट्रिय  निशक्त पेंशन योजना के तहत कितने रु देने क़ा प्रावधान किया है - 200 रु
  • केंद्र सरकार की योजना के बाद अब राज्य के निशक्तों की पेंशन बढकर कितनी हो गई है - 400 रु
  • नवम्बर 2009 मे सेन फ्रंसिशको मे इंटर नेशनल ओप्थेल्मो लोजी एजुकेशन अवार्ड से राज्य के किस वेक्ति को सम्मानित किया गया है - डॉ गोपाल वर्मा
  • 19 नवम्बर 2009 को केंद्रीय मानव संशाधन मंत्रालय ने राज्य मे कोनसे स्थान पर आई आई टी को मंजूरी देदी है - जोधपुर इसमें 1000 करोड़ रु- खर्च करने क़ा प्रावधान है
  • हाल ही मे केंद्र सरकार ने राज्य मे कितने पोलिटेक्निक कोलेज खोलने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की है -10
  • राज्य क़ा पहला राईस क्लस्टर कहाँ बनाया जायेगा - बूंदी
  • नवम्बर 2009 से खाद्य विभाग द्वारा जयपुर मे एपीएल व् बीपीएल परिवारों को 10 किग्रा की बजाय अब कितना आटा दिया जा रहा है - 20 किलो
  • राज्य मे अब पीएचडी मे रजिस्ट्रेशन से पूर्व एक प्री टेस्ट लिया जायगा यह प्री टेस्ट वर्ष मे कितनी बार लिया जायेगा - एक बार
  • राज क़ा सबसे छोटा जिआइएस (गेस इंसुलेटेड सब स्टेशन ) कहाँ बनाया जा रहा है - जयपुर मे
  • प्रदेश मे अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिय फीस दो किस्तों मे ली जाएगी पहले यह फीस कितनी बार ली जाती थी - 1 बार
  • 10 नवम्बर 2009 को विधान सभा उप चुनाव परिणाम मे घोषित टोडाभीम सीट पर किस पार्टी ने जीत दर्ज की है - भाजपा 
  • वर्ष 2009 मे संपन्न विधान सभा उप चुनाव मे सलुम्बर सीट किस पार्टी ने जीती - बसपा 
  • 29 अक्तूबर 2009 को राज्य मे भीषण अग्नि कांड हुआ जिसमे करीब 700 करोड़ रु- क़ा नुक्सान हुआ यह अग्नि कांड कहाँ हुआ - जयपुर, यह अग्नि कांड आई  ओ सी पेट्रोलियम कंपनी के डिपो मे हुआ था
  • 19 नवम्बर को राज्य की 2 वन सुरक्षा एवं प्रबंध समितियों को इंदिरा प्रियेदार्शानी अवार्ड से सम्मानित किया गया, यह समितियां राज्य के कोनसे जिले की हे - उदयपुर
  • 31 अक्टूबर 2009 को राजस्थान क्रिकेट अकादमी की एड होक कमेटी ने राजस्थान की और से काम से काम कितने रणजी मेच खेलने वाले खिलाडी को भी आर सी ए की और से पेंशन देने की घोषणा की है - 5 रणजी मेच खेलने वाले को प्रति माह 5000 रु- की पेंशन दि जाएगी,
  • 31 अक्टूबर 2009 को राज्य के शीर्ष ओधोगिक संघठन काउन्सिल ऑफ़ राजस्थान इन्डस्ट्रिज ( युकोरी ) के अध्येक्ष चुने गए है - तारा चाँद चोधरी
  • 31  अक्टूबर 2009 को राज्य के नए मुख्य सचिव पद पर किसकी नियुक्ति हुई है - टी श्री निवाशन
  • 1 नवम्बर 2009 से कर्मचारी राज्य बीमा योजना प्रदेश के कितने नए क्षेत्रों मे और लागु की गई है - ३
  • राज्य मे पंचायतो के परिसीमन के बाद कितनी नई पंचायतों के गठन  की योजना है -  225 पंचायतों क़ा  गठन
  • 31 अक्टूबर 2009 को राज्य मे और कितने विश्व विद्यालयों के लिय आशय पत्र जारी किये गए है - 3
  • 23 अक्टूबर 2009 को भारतीय विमान पत्तनम की साईट सलेक्सन कमेटी ने राज मे कोनसे स्थान पर नए एयर पोर्ट पर सहमति दि हे - जोधपुर
  • अक्टूबर 2009 मे फ़्रांस क़ा सर्वोच्च सम्मान प्राप्त करने वाली डॉआशा पांड्य राज्य के कोनसे विश्व विद्यालय मे कार्यरत है - जयपुर राजस्थान विश्व विद्यालय जयपुर 
  • देश भर मे जल्द ही विधुत कनेक्शनो की ऑन लाइन सुरुआत होने वाली है, यह सुरुआत कोनसे राज्य से होगी - राजस्थान 
  • 19 अक्टूबर 2009 को राज्य महिला आयोग की अध्येक्ष नियुक्त होने वाली महिला है - मीरा महर्षि 
  • अक्टूबर 2009 मे राज्य के एक विधायक ने अपनी नीजी वेबसाईट बनाई है - भागवान  सहाय सेनी, यह राज्य के प्रथम विधायक हे जिनकी अपनी नीजी वेबसाईट है
  • राज्य के ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर प्रतेक माह के कोनसे अंतिम दिवस को नरेगा दिवस के रूप मे मनाने की घोषणा की गई है - गुरुवार
  • इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कोर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा देश के कुछ स्टेशनों पर जन आहार केंद्र खोले जा रहे है इनमे राज्ये क़ा कोनसा स्टेशन सामिल है - जयपुर 
  • स्तन केंसर के ओप्रशन के बद हाथों मे आई सुजन को काम करने के लिए राज्य की पहली कम्प्रेशन मशीन "लिम्फिप्रेस" कहाँ स्थापित की गई है - उदयपुर मे 
  • प्रदेश मे सहकारी संस्थाओं को और मजबूत करने के लिए कोनसी कमेटी की सिफारिशों को लागू किया गया है - वेधेनाथ कमेटी 
  • 7 अक्टूबर 2009  को मुखे मंत्री अशोक गहलोत ने राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचयत मे कोनसा सुचना प्रोधोगिकी केंद्र खोलने की घोषणा की गई है - राजीव गाँधी आई टी केंद्र
  • राज्य मे देश क़ा पहला वेस्ट गेस पर आधारित पॉवर प्लांट कोनसे स्थान पर लगेगा - ब्यावर मे लगेगा तथा इसकी लागत 400 करोड़ रु- होगी
  • सितम्बर 2009 मे दो दिवसीय फिंगर प्रिंट विशेषज्ञों क़ा सम्मलेन राज्य मे कोनसे सहर मे संपन्न हुआ - जयपुर
  • 19 सितम्बर 2009 को वरिस्थ आई ए एस अधिकारी एस एन थानवी क़ा निधन  हो गया वे राज्य के कोनसे प्रमुख पद पर आसीन थे - प्रमुख गृह सचीव, वे जोधपुर जिले से सम्बंधित थे

Component of Bacterial Cell

Posted by Vinod Bhana Thursday, September 2, 2010 0 comments

Component of Bacterial Cell
A bacterial cell is made of a cell envelope, cytopalsm nucleoid, plasmid, inclustion bodies, pilli and fimbriae

A- Cell Envelope - It is covering over protoplast of a bacterial cell. Cell envelop has three part - 1- Mucilage 2- cell wal 3- palsmalema

1- Mucilage sheath (Glycocalyx) - On the out side cell is coverd by mucilage of non cellulosic polysccherides.Thick layer of Mucilage (more than 0.2µm) is called cpsule. A loos sheath of mucilage called slime layer. Mucilage protect the cell against desiccation, toxins, phagocytes, and viruses. Mucilage also possesses ion exchange capacity in the inner layer.

2- Cell Wall - Cell wall is elastic porous and freely permeable to solutes less than 10,000 daltons. Cell wall of G+ Bacteia is smooth and wavy in Gram - Bacteria. The Cell wall contain peptidoglycan, diaaminopimelic acid, lipid and protein. Peptidoglycan forms several layers in the wall of Gram +ve Bacteria and a single layer in the wall of Gram -ve bacteriya, Gram + Bact. cell wall has N-Acetyl Glucosamine (NAG) and N-Acetyl Muremic (NAM) Acid.
The wall of Gram +ve Bacteria contain theoic acid, which act as recepter sites and surface antigen. the inner wall layer of Gram (-) Bacteria has peptidoglycan while the outer one has lipopolysacherides, proteins and phopsholipids. Periplsmic space occurs between plsma membrane and cell wall.


3- Plasmalema (Plasma membren) - It is thin selectively permeable membrane which forms the innermost component of cell envelop and outer covering of cytoplasm. palsma membrane has typical lipoprotein structure as visualised by fluid mosaic model. There is as lipid bilayer. The lipid bilare is stabilised by other pentacyclic sterols called hapanoids instead of cholesterol.
Plasma membrane holds semifluid cytopalsmic content, separates them from surroundings serves as seletively peremeable barrier and having receptor molecules for detection and responding to chemicals in the surroundings. It contains Enzymes for respiration lipid synthesis, cell wall constituents and photosynthesis. Some riboseomes are also attched to it. Mesosome is an extension of plasmalemma.


B- Cytoplasm - It ia granular crystallo - colloidal complex that fills the cell protoplast but excludes nucleoid. It has numerus organels in it-

1- Mesosomes - A complex multilaminated membranous structure called mesosome is formed by ivagination of plasma membrane. It is of tho type - Septal and Lateral. Septal mesosome in in contact with nuceoid. It take part in separation of replicated nucleoinds and septum formation. Lateral or peripheral mesosome is not conncted with nucleoid. It is equivalent to mitochondrion and is called chondrioid. Respiratory enzymes occur over it as well as the plasma membrane.

2- Ribosomes - They are 70S. Each ribosome has two subunits, 50S and 30S. Ribosome take part in protein synthesis. 4-8 ribosomes are often found attached to a single mRNA strand for formong copies of the same polypeptide. Ribosome aggregates are called polysomes or polyribosomes. Bacteria have two types of 70S ribosomes Fixed (aattache to palsma membrane ) and Free (matrix Ribosome). Fixd ribosome protiens form trasport to outside.


3- Chrometophores - the are pigment containnig complex of photoototrophic bacteria and cynobacteria. In cynobacteria (BGA) thylecoid occur in the outer part of cytoplasm called chromoplasm. They bear chlorophill a and carotinoid. Attached to thilecoids are minute granuls clled phycobilisome. The posses phycobilins. In green Bacteria Phtosynthetic pigments lie insid chrometophores calle chlosrosomes.


C- Nucleoid -DNA ) - It is folded singal cercular strand of DNA double helix which is also called genophore. prochromosomes or chromonema. DNA strand dis 250- 700 times the length of the cell. It is folded in a super coiled manner. with the help of non-histone protein or polyanines and RNA. Procaryotic DNA is called naked due to its non association with histone proteins and absence of nuclear envelope. Nucleoid lies directly inside the cytoplasm. It is however not free. Nucleoid is in contect with cell membrane ither directly or through mesosomes.


D- Plasmid - The additional or extra chromosomal small rings of DNA having a few useful but not vital genes. e.g. F-Factor (Fertility Factor), Nif -Factor (Nitrogen fixing Gene) R-Facter (resistance Facter).AT times Plasmid associate temporarily with nucleoid. They are called apiosomes. Plsmid have these days become an importent tool in genetic engineerring as vectors of genes.


E- Inclution Bodies - They are non living structures present inside the cytoplasm.

1- Gas Vacuoles - The occur in cynobacteria, purpal bacteria, green bacteria and afew other planktonic bacteria. A gas vocule is made up of a large number of minute hexagonal, hollow and cylindrical gas vesicals each surrounded by a ribbed non-lipid protein membrane. The protein membrane is permeable to atmospheric gases but impermiable to water.

2- Inorganic Inclusions- Granules) Granules of inorganic substance occure in many bacteria e.g. volutin granules sulpher granules, iron granules, megnatic granules. These granules are also called metachromatic granuls becaause of their ability to pick up differnt colours with basic dyes

3- Food Reserve- Cynobacteria posses three types of food reserve - α granules, β-granules, and proteins. Commen food reserve of bacteria is glycosen. Natural fats are absent. Instead many bacteria posses poly β hydroxybutyrate or PHB granules. A biodigradeble plastics can be prepared from them. Proeins occure as protein granules.


F- Flagila - They occur in some bacteria. bacterial flagilla are unistranded equivalent to a single microtubular fiber. Diameter is about 20nm. Baterial flegillum has three parts - Basal Body, Hook and filament. Basal Body is Rod Like Basal part of flegillum which occurs in cell envelop and is attachet to it by means of two pairs of rings in gram -ve bacteria and only one pair of rings in gram +ve bacteria. Hook is curved and thickest part. It is made up of protein units different from those of filament. Filament is long tubuler structure of flagillum. Its wall is formed of 3-5 spiral rows of globular protein molecules called flagillin. Bacterial flagillum rotates by 360 digree that brings about bacword pushing of water.



G- Pili - They are 1-4 long holow tubes which are also called sex pili or F pilli because the take part in conjugation. Pili develop in Gram -ve bacteria Similar structures present in Gram +ve bacteria called Spinae. Pili are made of a distinct proteint calle pilin.


H- Fimbriare- The are numerious, small fibors outgrowths from the cell surface which reach a length of 0.1-1.5 μ m. Fimbriae help in attching bacteria to solid surface.                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                            

Biology Quize part 1

Posted by Vinod Bhana Wednesday, September 1, 2010 0 comments

जीव विज्ञानं प्रश्न भाग 1 

  1. पादप कोशिकाओ के चारो तरफ निर्जीव पदार्थों की बनी एक मोटी परत पाई जाती है  जिसे कहते है - कोशिका भित्ति
  2. कोशिका भित्ति की मध्य पत्लिका किसकी बनी होती है - Calcium Pactet and Magnishium Pactet
  3. कोशिका भित्ति की मध्य पटलिका क्या कार्य करती है - अंतरा कोशिकिय सीमेंट क़ा कार्य करती है
  4. जीव धारियों की कोशिकाओ मे होने वाली समस्त रासायनिक क्रियाओ को क्या कहा जाता है - उपापचयी क्रियाये
  5. सिग्मोइड खांच पाई जाती है - रेडियस अल्ना
  6. मच्छर की प्यूपा को कहते है - टंबलर
  7. आर्थोपोडा के जन्तुओ मे उत्सर्जन होता है - मेल्पिघी नालिकाओ, ग्रीन ग्रंथियों, व् कोक्साल ग्रंथियों द्वारा होता है
  8. पुस्तक फुफुस पाए जाते है - एरेक्निडा
  9. मिलिपेड, और सेंटीपेड़ निम्न मे से किस वर्ग के अंतर्गत आते है - मिरियापोडा 
  10. एक कीट को क्रस्टेशिया से किस लक्ष्ण द्वारा प्रथक कर सकते है -  उपांगो की संख्या के  आधार पर 
  11. संधि युक्त उपांग  किस वर्ग क़ा लक्ष्ण है - अर्थ्रोपोडा के जन्तुओ क़ा
  12. शरीर क़ा वह अंग जो शराब के अत्येधिक सेवन से प्रभावित होता है - लीवर ( यकृत )
  13. एरेक्निडा के जन्तुओ मे कोनसी संरचनाये अनुपस्थित होती है -  मेंडीबल, संयुक्त नेत्र तथा एंटीने
  14. मकड़ी मे टांगो की संख्या होती हे - चार जोड़ी
  15. निम्न लिखित मे से कोनसा जंतु 'जीवित जीवाश्म' क़ा उदहारण हे -लिम्युलस
  16. निम्न मे से कोनसा जंतु एप्टेरगोटा  के अंतर्गत आता  हे -लेपिस्मा 
  17. सामाजिक कीट होता हे -एपीस 
  18. नोप्लियस लार्वा किस वर्ग के जंतु है - कृस्ठेशिया 
  19. शरीर मे ओक्सिजन की पूर्ति किसके माध्यम से होती है - लाल रक्त कणिकाओ से 
  20. मास्ट कोशिकाओ द्वारा स्त्रवन किया जाता है - हिस्टेमीन और सेरोटोनिन 
  21. दुर्घंध या सुघंध की पहचान मस्तिस्क मे कोनसा भाग करता है - टेम्पोरल वल्लकूट 
  22. आनुवंशिकता को अनुवांशिक विज्ञानं या अनुवांशिकी नाम किसने दिया -  W  . Betson 
  23. बाई वालविया मोलस्क "पेक्टेन" क़ा सामान्य नाम है - स्केलोप 
  24. सबसे बड़ा अकशेरुकी जंतु होता है - देत्ये (Gaint ) स्किविड 
  25. मोलस्का के जंतुओं मे पाए जाने वाले मेंटल क़ा कार्य है - आन्तरिक अंगो की रक्षा, कवच क़ा स्त्रवन, स्वशन मे सहायक 
  26. मोलस्का के जंतुओं की उत्सर्जी रचनाये कहलाती है - मेटा नेफ्रिडिया 
  27. स्वछ जलिए सीप के जीवन चक्र मे कोंस लार्वा पाया जाता है - ग्लोकी डियम 
  28. जीभ क़ा कोनसा भाग कडवे स्वाद क़ा अनुभव करता है - पश्च अंत 
  29. लेंगेर्हेंस द्वीप की कोशिकाओं के खराब होने से क्या होता है - उच्च रक्त, और उच्च मूत्र ग्लूकोस स्तर 
  30. जिस वेक्ति क़ा एबी रुधिर वर्ग है उसे कभी कभी सार्वत्रिक ग्राही भी कहते है क्योंकि उनमे एंटी बोडी नहीं होती है 
  31. मुलेरियन नलिका क़ा सम्बन्ध है - अंड वाहिनी से 
  32. कृत्रिम गुर्दा किस सिद्धन्त पर काम करता है - अपोहन   

The Cell

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कोशिका
कोशिका - जीवन क़ा आधार
सभी जीव कोशिकाओं से बने होते है, कुछ जीव अपना जीवन एक ही कोशिका मे पूरा करते है इन्हें युनिसेलुलर कहा जाता है जैसे - Amoeba, Chlamydomonaas | कुछ जीवों मे कोशिका कोशिका विभाजन करती है और दो या दो से अधिक कोशिकाओ क़ा निर्माण करती है | मनुस्ये क़ा शरीर अनेको कोशिकाओ क़ा बना होता है, सभी कोशिकाए मे एक समान आनुवंशिक पदार्थ होता है तथा सभी कोशिकाओ क़ा विकास पूर्व स्थित कोशिकाओ से होता है | प्रत्येक कोशिका का निर्माण सजीव द्रव्य जीव द्रव्य से हुआ है। अत कोशिका जीवन की मूलभूत इकाई होती है |
मनुष्य के शरीर मे 260  प्रकार की कोशिकाए होती है ये मिलकर उत्तक क़ा निर्माण करती है, तथा उत्तक से अंग क़ा निर्माण होता है,  अंग मिलकर शरीर की सरचना क़ा निर्माण करते है |

कोशिका की खोज -
कोशिका की खोज रोबेर्ट हूक ने 1665 मे की थी, उसने कोर्क के पतले काट मे माइक्रोस्कोप से खाली बक्शे नुमा भाग को देखा तथा इन्हें सेलुला नाम दिया जो बाद मे सेल के नाम से    जाने लगा |
रोबेर्ट हूक से पहले  Jan Seammerdam (1658)  मे मेंडक की लाल रक्त कणिकाओ को  देखा था | इसके बाद 1661 मे मार्सेलो मेल्पिन्घी ने पोधो के टुकडो मे अति सूक्ष्म संरचनाओ को देखा| 1683 मे लुवेन्हूक ने सूक्ष्म दर्शी की सहायता से मुक्त कोशिकाओं क़ा पता लगाया, उसने बक्टेरिया, प्रोटोजोआ, लाल रक्त कणिकाए, शुक्राणु आदि को देखा
1682 मे  Nehmiah ग्रेव ने पाया की पादप उत्तक सूक्ष्म आन्तरिक संरचनाओ या कोशिका से बने होते है तो उसने कोशिका अवधारणा क़ा प्रतिपादन किया |लामार्क ने निष्कर्ष निकाला की सभी जीव कोशिका से बने होते है |
Corti 1772 ने सर्वप्रथम जीवित/ जीवन के पदार्थ को देखा और Dujardin 1836 ने इसे सार्कोड़ नाम दिया|
1831 Robert Brown ने ऑर्किड के जड़ो मे नुक्लियस की खोज की |
Von Mohl (1838, 1846) and Purkinje (1839) मे जेली के सामान पदार्थ या सार्कोड़ को प्रोटोप्लाज्म नाम दिया |

कोशिका सिद्धांत -
1838  मे स्लाएडेन ने पाया की सभी पादप ओशिकाओ की सरचना समान है, दूसरी तरफ स्वान (1839 ) ने स्वतंत्र रूप से कार्य करते हुए पाया की जंतु कोशिकाओ मे कोशिका भित्ति नहीं होती है जबकि एह एक दुसरे से सामान है , इसी आधार पर उसने कोशिका की परिकल्पना ( सेल हिपोथिसिस ) दि की पोधो और जन्तुओ क़ा शरीर कोशिका से बना होता है |
schleiden और Schwann  ( 1839 ) मे Cell  theory दि,  Negeli  1846  ने बताया की कोशिकाओ मे नुक्लियस युक्त प्रोटोपलाज्म होता है , 
कोशिका सिद्धांत है - 
1 . जीवित प्राणि कोशिका और उनके उत्पाद के बने होते हैं, एह कोशिका की संक्या पर निर्भर करता है की, वह एक कोशिकिये प्राणी है,  या बहु कोशिकिये प्राणी है |
२- कोशिका प्रोटो प्लास्ट से बनी होती है जिसमे नुक्लियस पाया जाता है |
3 - सभी कोशिकाए संरचना और क्रियाओ मे सामान होती है |
4 - जीवित प्राणियों मे कोशिका एक सरचनात्मक इकाई है |
5 - कोशिका जीवो मे एक कार्यात्मक इकाई है अत एक जीव की क्रियात्मकता सम्पूर्ण सरीर की कोसिकाओ की क्रियात्मकता क़ा योग होता है |

कोशिका सिद्धांत के अपवाद -
a - वायरस मे कोशिका सरचना नहीं होती है,
b - मोनेरा और प्रोटिस्टा

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